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कांग्रेस की बैठक में भिड़े प्रत्याशी कन्हैया कुमार और वरिष्ठ नेता संदीप दीक्षित

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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नई दिल्ली. प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में शुक्रवार शाम उस समय खासा हंगामा हो गया जब वहां उत्तर पूर्वी दिल्ली से पार्टी प्रत्याशी कन्हैया कुमार और क्षेत्र के वरिष्ठ कांग्रेसियों के बीच परिचय बैठक चल रही थी। इस दौरान पूर्व सांसद संदीप दीक्षित, कन्हैया और पार्टी के प्रदेश प्रभारी दीपक बाबरिया में काफी बहसबाजी हुई। कहने को इस बैठक में प्रदेश अध्यक्ष अरविंदर सिंह लवली सहित और भी अनेक नेता मौजूद थे, लेकिन ज्यादातर तमाशबीन ही बने रहे।जानकारी के मुताबिक टिकट मिलने के बाद शुक्रवार को कन्हैया कुमार पहली बार प्रदेश कार्यालय पहुंचे थे। इस बैठक का उद्देश्य चुनावी रणनीति भी तैयार करना था, लेकिन बैठक बेनतीजा ही खत्म हो गई।

संदीप ने कन्हैया कुमार को बाहरी कहा

सूत्र बताते हैं कि उत्तर पूर्वी सीट से पूर्व सांसद संदीप दीक्षित भी टिकट मांग रहे थे, लेकिन पार्टी हाईकमान ने कन्हैया को दे दिया। इससे संदीप खासे नाराज थे। बताया जा रहा है कि बैठक में संदीप थोड़ा देरी से पहुंचे, तो मंच के सामने पीछे की ओर ही बैठ गए। इस पर लवली ने उनसे आगे आने को कहा। लेकिन संदीप ने मना कर दिया तो लवली ने फिर जोर देते हुए उन्हें आगे आने को कहा। कन्हैया ने भी अपनी सीट से उठते हुए, संदीप को अपनी सीट पर बैठने का आग्रह किया। इस पर ही संदीप भड़क उठे और वह कन्हैया को भला-बुरा कहने के साथ-साथ ‘बाहरी’ कहने लगे।

संदीप ने बावरिया को भी नहीं बख्शा

इस पर बावरिया भी भड़क उठे। उन्होंने संदीप को नसीहत देते हुए शांत रहने के लिए कहा, लेकिन संदीप गुस्से में लगातार कन्हैया को टार्गेट करते रहे। तब कन्हैया ने भी धीरे से कह दिया कि आप तो भाजपा की भाषा बोल रहें है। कन्हैया का यह कहना था कि संदीप और भड़क उठे। अन्य वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें काफी शांत कराने के लिए कोशिश की लेकिन वह चुप नहीं हुए। संदीप ने बावरिया को भी नहीं बख्शा। हंगामा काफी देर तक चलता रहा। इस मौके पर कुछ अपशब्द भी बोले गए। इस क्षेत्र के एक-दो कांग्रेसी नेताओं ने भी संदीप का पक्ष लेते हुए कन्हैया को ‘बाहरी’ का तमगा पहना दिया।

जानकारी हाईकमान को भी दे दी गई है

सूत्रों का कहना है कि बैठक में कन्हैया के साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया है, उसकी जानकारी हाईकमान को भी दे दी गई है। फिलहाल तो मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन मामला इतना संगीन है कि दबने वाला नहीं है। बैठक में पूर्व अध्यक्ष सुभाष चोपड़ा. पूर्व विधायक हसन अहमद, मतीन अहमद और भीष्म शर्मा, अनिल भारद्वाज, जिलाध्यक्ष जुबैर अहमद और आदेश भारद्वाज, अली मेहंदी आदि मौजूद थे। जब इस संदर्भ में बाबरिया और संदीप से प्रतिक्रिया मांगी गई तो दोनों ने ही अनजान बनते हुए यह कहकर बात टाल दी कि नहीं, नहीं ऐसा कुछ भी नहीं हुआ।

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साभार : दैनिक जागरण

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।