शुक्रवार, सितंबर 18 2026 | 10:04:11 PM

आरएसएस स्वयंसेवक पर जानलेवा हमला करने वाले नसीब के घर पर चला बुलडोजर

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

जयपुर. राजस्थान में बुलडोजर एक्शन देखने को मिला है. जयपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सदस्यों पर चाकू से हमला करने वाले आरोपी नसीब चौधरी पर सख्त कार्रवाई की गई है. उसके घर पर बुलडोजर चलाकर उसे जमींदोज कर दिया गया है. गुरुवार को एक मंदिर में धार्मिक कार्यक्रम के दौरान कुछ लोगों के हमले में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े दस लोग घायल हो गए थे. अब जब नसीब चौधरी के अवैध निर्माण पर बुलडोजर चला उस दौरान जय श्री राम के नारे लगे.

नसीब चौधरी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के खीर वितरण कार्यक्रम में चाकूबाजी की थी, जिसके बाद जेडीए ने शनिवार को मंदिर के पास अवैध कब्जा हटाने का नोटिस जारी किया और आरोपी नसीब चौधरी के घर नोटिस चिपकाया था. फिर नोटिस के जबाब के बाद जेडीए ने अवैध अतिक्रमण पर रविवार को बुल्डोजर चलाया और उसके अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया.

पुलिस कमिश्नर ने दी जानकारी

इस मामले पर एडिशनल पुलिस कमिश्नर राष्ट्रदीप ने शुक्रवार को जानकारी देते हुए कहा था कि कल (गुरुवार) एक मंदिर में जागरण और प्रसाद वितरण का कार्यक्रम चल रहा था, जहां कुछ लोग शांतिपूर्ण तरीके कार्यक्रम कर रहे थे. उस मंदिर के बगल में नसीब चौधरी नाम के व्यक्ति का परिवार रहता है, जिसका पिछला भी कुछ क्राइम रिकॉर्ड है. वह और उसका बेटा मंदिर में आए और कुछ लोगों को चाकू और लाठियों से हमला कर दिया.

कोई सांप्रदायिक विवाद नहीं

उन्होंने आगे कहा कि इस घटना के दौरान 6 लोग घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल पहुंचाया गया और इन दोनों को कल (गुरुवार) रात में ही गिरफ्तार कर लिया गया. सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. अगर इसमें कोई और भी शामिल होगा, तो उसकी भी जांच की जाएगी. घटना में कोई सांप्रदायिक विवाद नहीं है. दोनों ही पक्ष हिंदू हैं.

- Advertisement -

साभार : टीवी9 भारतवर्ष

भारत : 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि) व/या भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

सारांश कनौजिया की पुस्तकें

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।