गुरुवार, सितंबर 17 2026 | 08:01:37 PM

आतिशी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद अपने पास रखे सभी महत्वपूर्ण विभाग

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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नई दिल्ली. दिल्ली में आम आदमी पार्टी (आप) सरकार के मुख्यमंत्री के पास पहली बार विभाग होंगे। नई सरकार में उपमुख्यमंत्री का पद भी नहीं होगा। पूर्ववर्ती सरकारों में पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कुछ दिनों को छोड़कर अपने पास कोई विभाग नहीं रखा था। जबकि केजरीवाल की तीनों सरकारों में मनीष सिसोदिया उपमुख्यमंत्री बनाए गए थे। शनिवार को आतिशी के नेतृत्व में नई सरकार के शपथ ग्रहण के साथ ही सभी मंत्रियों को कार्य आवंटन नियम, 1993 के नियम 3 के तहत मंत्रिपरिषद को विभाग आवंटित कर दिए। इस आवंटन को उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने मंजूरी भी दे दी।

मुख्यमंत्री के आदेश मुख्यमंत्री आतिशी ने अपने पास 13 महत्वपूर्ण विभाग रखे हैं। इसमें बिजली, पानी और शिक्षा तीनों शामिल हैं। आम आदमी पार्टी इन तीनों मुद्दों को प्रमुखता से उठा रही है। इसके अलावा राजस्व, योजना, सेवा विभाग सहित अन्य महत्वपूर्ण विभाग उनके पास हैं। वहीं, आठ विभागों के साथ सौरभ भारद्वाज सरकार में दूसरे नंबर के मंत्री बन गए हैं। उन्हें स्वास्थ्य सहित दूसरे बड़े मंत्रालय दिए गए हैं। कैलाश गहलोत व मुकेश अहलावत पांच-पांच विभाग के साथ तीसरे नंबर के मंत्री हैं। जबकि तीन मंत्रालय के साथ गोपाल राय चौथे व दो विभाग के साथ इमरान हुसैन पांच नंबर के मंत्री बनाए गए हैं।

किन्हें मिला क्या विभाग

आतिशी, मुख्यमंत्री :
1. लोक निर्माण विभाग
2. बिजली
3. शिक्षा
4. उच्च शिक्षा
5. प्रशिक्षण एवं तकनीकी शिक्षा
6. जनसंपर्क विभाग
7. राजस्व
8. वित्त
9. योजना
10. सेवाएं
11. सतर्कता
12. जल
13. विधि, न्याय एवं विधायी मामले तथा अन्य सभी विभाग जो किसी मंत्री को आवंटित नहीं हुए

सौरभ भारद्वाज :
1. शहरी विकास
2. सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण
3. स्वास्थ्य
4. उद्योग
5. कला, संस्कृति एवं भाषा
6. पर्यटन
7. समाज कल्याण
8. सहकारिता

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गोपाल राय :
1. विकास
2. सामान्य प्रशासन विभाग
3. पर्यावरण, वन एवं वन्य जीवन

कैलाश गहलोत :
1. परिवहन
2. प्रशासनिक सुधार
3. सूचना एवं प्रौद्योगिकी
4. गृह
5. महिला एवं बाल विकास

इमरान हुसैन :
1. खाद्य एवं आपूर्ति
2. चुनाव

मुकेश अहलावत :
1. गुरुद्वारा चुनाव
2. अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति
3. भूमि एवं भवन
4. श्रम
5. रोजगार

साभार : अमर उजाला

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।