शुक्रवार, सितंबर 18 2026 | 10:03:43 PM

कानपुर में नाकाम हुई ट्रेन को पलटाने की एक और साजिश

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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लखनऊ. देश के तमाम हिस्सों के बाद अब उत्तर प्रदेश के कानपुर में रेलवे ट्रैक पर गैस सिलेंडर रखकर ट्रेन पलटाने की साजिश रविवार को हुई है. वहां मालगाड़ी को पलटाने की साजिश रची गई थी. कानपुर से फतेहपुर आने वाले दिल्ली हावड़ा रेलवे ट्रैक पर एलपीजी गैस सिलेंडर रखा गया था. कानपुर के प्रेमपुर रेलवे स्टेशन के पास लूप लाइन पर एलपीजी सिलेंडर रखा गया था. यह घटना सुबह 5.50 बजे हुई है. लोको पायलट और सहायक लोको पायलट ने इमरजेंसी ब्रेक के जरिए मालगाड़ी को रोका. ट्रेन में मौजूद रेल कर्मचारियों ने इसकी जानकारी आरपीएफ और विभाग के अन्य लोगों को दी.

घटना स्थल की सामने आई तस्वीरों में देखा जा सकता है कि रेलवे ट्रैक पर 5 किलो का खाली सिलेंडर रखा गया था. पायलट और सहायक पायलट की सतर्कता से ट्रेन पलटाने की साजिश नाकाम हुई. वहीं रेलवे ने इस घटना के जांच के आदेश दे दिए हैं. इस संबंध में नॉर्थ सेंट्रल रेलवे जोन के प्रयागराज डिवीजन के PRO अमित सिंह ने जानकारी दी है.

दो घटनाएं पहले हुई

हालांकि इससे पहले भी बीते कुछ सप्ताह में दो बार कानपुर में रेल हादसा टल चुका है. एक बार ट्रैक पर ट्रक पलट गया था, जिसके बाद कई घटे तक ट्रैक बाधित रहा था. बीते महीने ट्रैक पर हैवी बोल्डर रखा गया था, इसके बाद ट्रेन के 22 डिब्बे पटरी से उतर गए थे. यह हादसा भी रात वक्त हुआ था. हालांकि कोई जन हानि इस हादसे में नहीं हुई थी. इन घटनाओं के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि पिछले कुछ दिनों में रेल पटरियों को क्षतिग्रस्त करने अथवा रेल दुर्घटना की साजिश के संकेत मिले हैं. कुछ लोग पकड़े भी गए हैं. यह अत्यंत गंभीर विषय है. जोन और रेंज स्तर के पुलिस अधिकारी अपने क्षेत्र के जीआरपी और आरपीएफ बल के साथ लगातार संपर्क बनाए रखें. इंटेलिजेंस बढ़ाएं और इस बड़ी साजिश में संलग्न हर अराजक तत्व के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए.

साभार : एबीपी न्यूज़

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।