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कुवैत ने नरेंद्र मोदी को दिया अपना सर्वोच्च सम्मान ‘द ऑर्डर ऑफ मुबारक अल कबीर’

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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नई दिल्ली. कुवैत में प्रधानमंत्री मोदी को वहां के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित किया गया है। कुवैत के अमीर शेख मेशाल अल-अहमद अल-जबर अल सबा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘द ऑर्डर ऑफ मुबारक अल कबीर’ से सम्मानित किया। पीएम मोदी कुवैत के दो दिवसीय दौरे पर हैं। इससे पहले 19 देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित कर चुके हैं। इस लिस्ट में शुमार होने वाला यह 20वां देश है। पीएम मोदी को यह सम्मान भारत और कुवैत के बीच अच्छे संबंधों को मजबूत करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी को यह पुरस्कार दिया गया है। ‘द ऑर्डर ऑफ मुबारक अल कबीर’ मित्रता के संकेत के रूप में राष्ट्राध्यक्षों और विदेशी संप्रभुओं और विदेशी शाही परिवारों के सदस्यों को प्रदान किया जाता है। पीएम मोदी से पहले बिल क्लिंटन, प्रिंस चार्ल्स और जॉर्ज बुश जैसे विदेशी नेताओं को भी ‘द ऑर्डर ऑफ मुबारक अल कबीर’ प्रदान किया जा चुका है।

बीते माह इन देशों ने किया था पीएम मोदी को सम्मानित

इससे पहले पिछले महीने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गुयाना और बारबाडोस ने पीएम मोदीको अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित किया था। गुयाना ने पीएम मोदी को सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान- द ऑर्डर ऑफ एक्सीलेंस से सम्मानित  किया था, वहीं बारबाडोस में पीएम मोदी को प्रतिष्ठित ऑनररी ऑर्डर ऑफ फ्रीडम ऑफ बारबाडोस सम्मान दिया गया था। डोमिनिका ने भी उन्हें हाल ही में सर्वोच्च सम्मान दिया था।

किन-किन देशों से मिल चुका है पीएम मोदी को सम्मान

वैश्विक स्तर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता सर्वाधिक है। एक सर्वे में उन्हें  सबसे लोकप्रिय नेता करार दिया गया था। इतना ही नहीं कई देश भी उन्हें अपने सर्वोच्च पुरस्कार से सम्मानित कर चुके हैं। क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर उनके नेतृत्व के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 2014 से अब तक 20 देशों के सर्वोच्च राष्ट्रीय पुरस्कारों समेत संयुक्त राष्ट्र का सर्वोच्च पर्यावरण पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया है।

अफगानिस्तान और फिलिस्तीन से भी पीएम मोदी हो चुके हैं सम्मानित

बता दें कि पीएम मोदी को साल 2016 में अफगानिस्तान द्वारा स्टेट ऑर्डर ऑफ गाजी अमीर अमानुल्लाह खान, फरवरी 2018 में फिलिस्तीन द्वारा ग्रैंड कॉलर ऑफ द स्टेट ऑफ फिलिस्तीन, अक्तूबर 2018 में संयुक्त राष्ट्र द्वारा यूएन चैंपियन ऑफ द अर्थ अवार्ड दिया गया था। वहीं, अप्रैल 2019 में यूएई द्वारा ऑर्डर ऑफ जायद और अप्रैल 2019 में ही रूस द्वारा ऑर्डर ऑफ सेंट एंड्रयू अवार्ड से सम्मानित किया गया था। इसके अलावा, पीएम मोदी को जून 2019 में मालदीव से ऑर्डर ऑफ द डिस्टिंग्विश्ड रूल ऑफ इज़ुद्दीन, अगस्त 2019 में बहरीन द्वारा किंग हमाद ऑर्डर ऑफ द रेनेसां, दिसंबर 2020 में अमेरिका द्वारा लीजन ऑफ मेरिट, दिसंबर 2021 में भूटान द्वारा ऑर्डर ऑफ द ड्रैगन किंग और इस साल मई में फिजी द्वारा ऑर्डर ऑफ फिजी और पापुआ न्यू गिनी द्वारा ऑर्डर ऑफ लोगोहू से सम्मानित किया गया था।

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मिस्र ने भी पीएम को दिया है सर्वोच्च राजकीय सम्मान

वहीं,  पिछले साल जून में मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी ने प्रधानमंत्री मोदी को ‘ऑर्डर ऑफ द नाइल’ पुरस्कार से सम्मानित किया। यह मिस्र का सर्वोच्च राजकीय सम्मान है। मई 2023 में पापुआ न्यू गिनी द्वारा कंपेनियन ऑफ द ऑर्डर ऑफ लोगोहू, मई 2023 में कंपेनियन ऑफ द ऑर्डर ऑफ फिजी, मई 2023 में पलाऊ गणराज्य द्वारा एबाकल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

पुरस्कार देने में फ्रांस और रूस ने भी नहीं छोड़ी है कोई कसर

जुलाई 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फ्रांस ने लीजन ऑफ ऑनर से सम्मानित किया। यह फ्रांस का सर्वोच्च सम्मान है। पीएम मोदी यह सम्मान पाने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री हैं। लीजन ऑफ ऑनर दुनिया भर के चुनिंदा प्रमुख नेताओं और प्रतिष्ठित हस्तियों को दिया गया है। इनमें दक्षिण अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला, वेल्स के तत्कालीन राजकुमार किंग चार्ल्स, जर्मनी की पूर्व चांसलर एंजेला मर्केल, संयुक्त राष्ट्र के पूर्व महासचिव बुट्रोस बुट्रोस-घाली समेत अन्य शामिल हैं। बीते जुलाई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को रूस के सर्वोच्च सम्मान ‘ऑर्डर ऑफ सेंट एंड्र्यू एपोस्टल’ से सम्मानित किया गया।

साभार : अमर उजाला

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।