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अब अमूल दूध पिएगा अमेरिका, एक और आधा गैलेन का होगा पैक

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

वाशिंगटन. अमूल दूध पीता है इंडिया… नहीं-नहीं अब ये गाना सिर्फ इंडिया वाले ही नहीं, बल्कि अमेरिका वाले भी गुनगुनाएंगे, क्योंकि अब अमूल ब्रांड का दूध अमेरिका भी मजे से पिएगा. इसी के साथ अमूल ब्रांड की मालिक गुजरात को-ऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन ने एक नया इतिहास भी रच दिया है. अमेरिका में किसी भारतीय डेयरी ब्रांड की ये पहली एंट्री है. भारत में रोजाना लाखों लीटर ताजे दूध (फ्रेश मिल्क) की सप्लाई करने वाला अमूल ब्रांड अब अमेरिका में भी अपना जलवा दिखाएगा. अमूल ब्रांड यहां फ्रेश मिल्क सेगमेंट में काम करेगा.

108 साल पुरानी डेयरी के साथ डील

अमेरिका में अमूल ब्रांड का दूध बेचने के लिए गुजरात को-ऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन (जीसीएमएमएफ) ने अमेरिका की 108 साल पुरानी डेयरी ‘मिशिगन मिल्क प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन’ से डील की है. इस बारे में जीसीएमएमएफ के मैनेजिंग डायरेक्टर जयेन मेहता ने को-ऑपरेटिव की एनुअल मीटिंग में ऐलान किया. ये पहली बार है जब अमूल ब्रांड की फ्रेश मिल्क रेंज को भारत से बाहर अमेरिका जैसे मार्केट में लॉन्च किया जा रहा है. अमेरिका में भारतीय मूल के समुदाय की एक बड़ी आबादी रहती है.

इतनी पैकेजिंग में ऐसे मिलेगा अमूल मिल्क

अमूल मिल्क को अमेरिका में एक गैलन (3.8 लीटर) और आधा गैलन (1.9 लीटर) की पैकेजिंग में बेचेगा. अमेरिका में 6% फैट वाला अमूल गोल्ड ब्रांड, 4.5% फैट वाला अमूल शक्ति ब्रांड, 3% फैट वाला अमूल ताजा और 2% फैट अमूल स्लिम ब्रांड ही सेल किया जाएगा. इन ब्रांड्स को अभी ईस्ट कोस्ट और मिड-वेस्ट मार्केट में बेचा जाएगा. अमूल भारत में भी घर-घर में पहचाना जाने वाला नाम है. ये भारत के सुपर ब्रांड्स में से एक है. इतना ही नहीं भारत में ‘श्वेत क्रांति’ लाने में अमूल का बड़ा योगदान है. इसकी सफलता ने ही भारत में डेयरी को-ऑपरेटिव को बड़े पैमाने पर फैलाया और इसी के चलते नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड की भी नींव पड़ी.

साभार : टीवी9 भारतवर्ष

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।