शुक्रवार, सितंबर 18 2026 | 07:42:17 PM

उ.प्र. पुलिस भर्ती परीक्षा में पहले दिन ही धांधली करने वाला अभ्यर्थी पकड़ा गया

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

लखनऊ. सिपाही भर्ती परीक्षा के पहले दिन तीन अभ्यर्थी गड़बड़ी करने में पकड़े भी गए। रायबरेली स्थित आचार्य द्विवेदी इंटर कालेज में पहली पाली की परीक्षा में शामिल औरैया निवासी उपेन्द्र सिंह ब्लूटूथ इयरफोन का प्रयोग करता पकड़ा गया। केंद्र व्यवस्थापक ने उसे पुलिस को सौंप दिया।

वहीं आगरा पुलिस ने शाहगंज के साकेत विद्यापीठ इंटरमीडिएट कालेज से पहली पाली में एक फर्जी अभ्यर्थी विवेक उर्फ विमल को गिरफ्तार किया है। हाथरस निवासी विवेक ने वर्ष 2018 में भी पुलिस भर्ती परीक्षा दी थी। भर्ती की उम्र निकल जाने के चलते विवेक ने नाम बदलकर विमल कुमार की पहचान धारण कर वर्ष 2018 में दोबारा दसवीं और फिर बारहवीं की परीक्षा दी थी, जिसमें अपनी उम्र भी कम लिखाई।

विमल नाम का आधार कार्ड भी बनवाया था। परीक्षा केंद्र पर बायोमैट्रिक जांच में वह पकड़ा गया। महाराजगंज में डा.अंबेडकर राजकीय महाविद्यालय में इयर बड लेकर प्रवेश कर रहे अभ्यर्थी हरियाणा के भिवानी निवासी योगेश को पकड़ा गया, जिसे पुलिस को सौंप दिया गया। तीनों अभ्यर्थियों को गिरफ्तार कर लिया गया।

बर्खास्त महिला सिपाही व साथी को भेजा जेल

गोरखपुर में पुलिस ने सिपाही भर्ती परीक्षा में अभ्यर्थियों को पास कराने का झांसा देकर रुपये वसूलने के मामले में पकड़ी गई श्रावस्ती की निलंबित महिला सिपाही पिंंकी सोनकर को शुक्रवार को जेल भेज दिया गया। पुलिस ने गुरुवार को बांसगांव कस्बे से पिंकी व उसके सहयोगी संगम विहार, दिल्ली निवासी देवेंद्र प्रताप सिंह को गिरफ्तार किया था। आरोपितों के मोबाइल फोन से कई अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र व रकम वसूले जाने के साक्ष्य मिले थे।

- Advertisement -

भाग निकला अभ्यर्थी

गोरखपुर में बांसगांव तहसील मुख्यालय स्थित जवाहर लाल इंटर कालेज में दूसरे परीक्षार्थी के स्थान पर परीक्षा देने पहुंचा युवक बायोमैट्रिक जांच में पकड़ा गया। हालांकि वह परीक्षा केंद्र से भाग निकला, जिसकी तलाश कराई जा रही है। मामले में केंद्र पर तैनात एक कर्मचारी से पूछताछ की जा रही है।

साभार : दैनिक जागरण

भारत : 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि) व/या भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

सारांश कनौजिया की पुस्तकें

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।