शुक्रवार, सितंबर 18 2026 | 10:09:32 PM

महाकुंभ की सुरक्षा में लगेंगे 6 हजार पीएसी जवान

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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लखनऊ. महाकुंभ में लगभग छह हजार पीएसी के जवान थल से लेकर जल तक निगहबानी करेंगे। हनुमान मंदिर समेत मेला क्षेत्र के महत्वपूर्ण स्थलों पर सशस्त्र जवान तैनात होंगे तो संगम समेत अन्य घाटों में फ्लड कंपनी के पीएसीकर्मी अत्याधुनिक उपकरणों के साथ स्नानार्थियों की सुरक्षा करेंगे। महाकुंभ मेले के लिए पीएसी की सभी 33 बटालियन से जवान मेला ड्यूटी के लिए भेजे जाएंगे। फिलहाल इनकी आमद अभी नहीं शुरू हुई है। इस बार मेले में पीएसी के छह हजार जवानों को तैनात करने की योजना बनाई गई है। यह जवान न सिर्फ मेला के थल क्षेत्र बल्कि जल में भी मुस्तैद रहकर महाकुंभ को सुरक्षित बनाने में अपना योगदान देंगे।

पीएसी के सशस्त्र जवान मेला क्षेत्र के महत्वपूर्ण स्थलों पर मुस्तैद किए जाएंगे। इनमें हनुमान मंदिर समेत अन्य प्रमुख मंदिर समेत अन्य स्थल शामिल होंगे। इसके साथ ही सुरक्षा की दृष्टि से चिह्नित किए गए स्थलों, प्वाइंटों पर भी इन्हें तैनात किया जाएगा। पीएसी की करीब 50 कंपनी इस ड्यूटी में लगाई जाएगी। जबकि फ्लड कंपनी के जवानों को संगम से लेकर अलग-अलग स्नान घाटों पर लगाया जाएगा। स्नान के दौरान किसी भी तरह के हादसे को रोकने के लिए यह अलर्ट मोड पर रहेंगे। यह जवान अत्याधुनिक उपकरणों से लैस होंगे। इनके पास असाका लाइट भी होगी जिससे रात के समय में भी जरूरत पड़ने पर बचाव कार्य किया जा सके। एक अफसर ने बताया कि पीएसी की लगभग 10 फ्लड कंपनियां नदी में होने वाले हादसों को रोकने के लिए लगाई जाएंगी।

दंगा नियंत्रण उपकरणों से रहेंगे लैस

महाकुंभ मेले के थल क्षेत्र में तैनात किए जाने वाले पीएसी के जवान दंगा नियंत्रण उपकरणों से लैस रहेंगे। उनके पास हेलमेट, फेस वाइजर, बॉडी आर्मर, गैस मास्क व राइड शील्ड होगी। इसके अलावा टियर गैस गन भी उपलब्ध रहेगी। पुलिस की तरह ही पीएसी के जवानों को भी श्रद्धालुओं से संवेदनशीलता के साथ व्यवहार किए जाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

अंडर वाटर ड्रोन, वाटर स्कूटर व फ्लोटिंग रेस्क्यू स्टेशन भी

स्नानार्थियों की सुरक्षा के लिए पीएसी व जल पुलिस को इस बार अंडर वाटर ड्रोन भी उपलब्ध कराया जाएगा। यह पानी में काफी गहराई तक जाकर वहां की वास्तविक स्थिति के बारे में जानकारी दे सकेगा। इसके अलावा इमरजेंसी की स्थिति में त्वरित रिस्पांस के लिए वाटर स्कूटर भी उपलब्ध होंगे। इनसे कुछ ही मिनटों में जवान पानी में घटनास्थल तक पहुंच सकेंगे। हादसे में त्वरित राहत के लिए दो फ्लोटिंग रेस्क्यू स्टेशन भी बनाए जाएंगे और प्रभावित व्यक्ति को यहीं प्राथमिक उपचार देने की व्यवस्था भी की जाएगी।

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प्रभारी आईजी पहुंचे संगम नोज

मंगलवार को प्रभारी आईजी पीएसी ईस्ट जोन आईपीएस राजीव नारायण मिश्र संगम नोज पहुंचे। यहां उन्होंने महाकुंभ के मद्देनजर पीएसी फ्लड कंपनी व जल पुलिस के जवानों को मुहैया कराई जाने वाली लाइफ जैकेट्स का लाइव डेमो देखा। इसके साथ ही सुरक्षा व्यवस्था के संंबंध में सुझाव भी दिए। गौरतलब है कि वह 2020 से 2023 तक लगातार चार बार माघ मेले का सुरक्षित व सफल आयोजन करा चुके हैं।

साभार : अमर उजाला

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।