शुक्रवार, सितंबर 18 2026 | 07:42:16 PM

सपा ने मिल्कीपुर विधानसभा के उपचुनाव में सांसद अवधेश प्रताप के बेटे को बनाया प्रत्याशी

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

लखनऊ. यूपी विधानसभा उपचुनाव को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है. अयोध्या की सबसे चर्चित विधानसभा सीट मिल्कीपुर से सपा ने अपने प्रत्याशी का नाम फाइनल कर दिया है. सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने यहां से अजीत प्रसाद को उम्मीदवार बनाया है. समाजवादी पार्टी ने अयोध्या से सांसद अवधेश प्रसाद के बेटे अजीत प्रसाद को टिकट देना फाइनल कर दिया है. वहीं सभी दावेदारों को एक मंच पर बुलाकर सम्मानित किया गया.

यूपी में 10 सीटों पर विधानसभा उपचुनाव होने को है. चुनाव को लेकर पूरे प्रदेश में हलचल है. वहीं सभी की नजर सबसे चर्चित अयोध्या की मिल्कीपुर सीट पर टिकीं हुई है. गौरतलब है कि अयोध्या की फैजाबाद लोकसभा सीट को राम मंदिर बनने के बाद भी सपा ने जीत ली थी. जिसके बाद देशभर में फैजाबाद सांसद अवधेश प्रसाद सुर्खियों में रहे. वहीं एक बार फिर अखिलेश यादव ने अयोध्या के मिल्कीपुर में होने वाले विधानसभा उपचुनाव में सांसद के बेटे अजीत प्रसाद पर भरोसा जताया है.

बता दें, सपा सुप्रीमों अखिलेश यादव ने रविवार को मिल्कीपुर विधानसभा से उम्मीदवार का नाम फाइनल करने के लिए बैठक की थी. बैठक में सपा के कई नेता मौजूद थे. जिसके बाद अखिलेश यादव ने मिल्कीपुर सीट से अजीत प्रसाद का नाम फाइनल किया. इतना ही नहीं सपा अध्यक्ष ने सभी दावेदारों को एक मंच पर बुलाकर सम्मानित किया. साथ ही सभी लोगों को एक साथ रहकर चुनाव लड़ने की हिदायत दी. आनंद सेन यादव भी खुलकर प्रचार में शामिल होंगे.

वहीं मिल्कीपुर उपचुनाव पर समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद का कहना है, ‘बड़ी संख्या में मिल्कीपुर के कार्यकर्ता, समर्थक और नेता राष्ट्रीय अध्यक्ष से मिलने आए थे, वे बहुत खुश थे. उनमें काफी उत्साह है और राष्ट्रीय अध्यक्ष से मिलने के बाद उनमें काफी उत्साह है. बीजेपी पूरी तरह से हारने वाली है.’

- Advertisement -

साभार : न्यूज18

भारत : 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि) व/या भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

सारांश कनौजिया की पुस्तकें

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।