शनिवार, सितंबर 19 2026 | 05:50:50 AM

क्रिकेटर ईशान किशन के पिता प्रणव पांडे जेडीयू में हुए शामिल

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

पटना. भारतीय क्रिकेटर ईशान किशन के पिता प्रणव पांडे रविवार को पटना में जनता दल-यूनाइटेड में शामिल हो गए हैं. उन्‍होंने कहा है कि वे सीएम नीतीश कुमार के कारण राजनीति में शामिल हो रहे हैं. हम पार्टी के सैनिक है और पार्टी के साथ काम करेंगे. उन्‍हें जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा एवं प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने सदस्‍यता दिलाई. यह कार्यक्रम जेडीयू ऑफिस में हुआ जहां प्रणव पांडे के साथ कई अन्‍य लोगों ने जेडीयू का दामन थाम लिया है. कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने कहा कि हम सब मिलकर बिहार को आगे बढ़ाएंगे.

प्रणव पांडे ने कहा कि जेडीयू और मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार के विकास को बढ़ाया है. जो भी विकास हुआ, उसका कारण नीतीश कुमार ही हैं. जेडीयू में शामिल होकर पूरी निष्‍ठा के साथ काम करेंगे और इसके अलावा मेरे मन में कोई और सोच नहीं है. मैं जेडीयू परिवार का शुक्रगुजार हूं, जिसने मुझे घर वापसी का मौका दिया है. कोशिश होगी कि पार्टी और नीतीश कुमार के हाथों को मजबूत करें. नीतीश कुमार की नीति है न्‍याय के साथ विकास और इस पर ही मेरी आस्‍था है.

प्रणव पांडे शुरुआती दौर से हमारे साथी

इधर, जदयू राष्‍ट्रीय कार्यकारी अध्‍यक्ष संजय झा ने कहा कि जेडीयू में कई लोगों ने जॉइनिंग की है और यह सिलसिला शुरू हुआ है. प्रणव पांडे शुरुआती दौर से हमारे साथी हैं, कुछ पारिवारिक जिम्‍मेदारियों के कारण वे कुछ समय से सक्रिय नहीं थे, लेकिन अब वे पार्टी में फिर से जुड़ गए हैं. इससे पार्टी को मजबूती मिलेगी. उनका परिवार तो समता पार्टी के समय से ही पार्टी का सदस्‍य रहा है. जदयू राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने कहा कि प्रणव पांडे को अपने बेटे को क्रिकेटर बनाना था और अब वे इस काम को पूरा कर चुके हैं. बीते दो महीनों से हमारी चर्चा हो रही थी. उन्‍होंने कहा था कि अब वे फिर से पार्टी के साथ जुड़ेंगे. प्रणव पांडे और उनके बेटे ईशान किशन दोनों ने बिहार का नाम रोशन किया है. कल एनडीए की बड़ी मीटिंग होगी पार्टी को और मजबूती मिलेगी.

साभार : न्यूज़18

- Advertisement -

भारत : 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि) व/या भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

सारांश कनौजिया की पुस्तकें

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।