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संभल जामा मस्जिद के सामने खुलेगी पुलिस चौकी

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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लखनऊ. संभल थाना क्षेत्र के कोट पूर्वी मोहल्ले में शाही जामा मस्जिद के पास बनने वाली पुलिस चौकी का शनिवार को भूमि पूजन हुआ. प्रशासन ने हाल में संभल हिंसा के मद्देनजर यहां पुलिस चौकी स्थापित करने का निर्णय लिया है. पुलिस चौकी स्थापित करने फैसले पर एआईएमआईएम के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि सरकार के पास किसी और चीज़ के लिए पैसे नहीं होते, बस पुलिस चौकी और शराब खाने के लिए पैसे होते हैं.

असदुद्दीन ओवैसी ने साधा निशाना

पुलिस चौकी स्थापित करने के निर्णय पर सवाल उठाते हुए एआईएमआईएम के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “संभल की जामा मस्जिद के सामने पुलिस चौकी बनाई जा रही है. मुल्क के किसी भी कोने में चले जाइए, वहां की सरकार ना तो स्कूल खुलवाती है, ना अस्पताल. अगर कुछ बनाया जाता है तो वो है पुलिस चौकी और शराब खाने. सरकार के पास किसी और चीज के लिए पैसे नहीं होते, बस पुलिस चौकी और शराब खाने के लिए पैसे होते हैं. डेटा खुद ये कहता है कि मुसलमानों के इलाकों में सबसे कम सरकारी सुविधाएं फराहम की जाती हैं.”

पुलिस चौकी के निर्माण के लिए हुआ भूमि पूजन

भूमि पूजन कराने वाले पुरोहित शोभित शास्त्री ने बताया कि आज पुलिस चौकी के निर्माण के लिए भूमि पूजन और शिलान्यास हुआ. शास्त्री ने कहा वास्तु दोष न रहे, इसके लिए भी पूजन किया गया.  बता दें कि संभल की जामा मस्जिद में  24 नवंबर को  अदालत के आदेश पर सर्वेक्षण के दौरान विरोध कर रहे प्रदर्शनकारी पुलिस से भिड़ गए थे. इस दौरान चार व्यक्तियों की मौत हो गई थी. अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) श्रीश चंद्र ने पत्रकारों से कहा कि यह चौकी सुरक्षा की दृष्टि से स्थापित की जा रही है, यहां पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहता है और लोगों की मांग थी, इसलिए पुलिस चौकी स्थापित की गयी है.

साभार : एबीपी न्यूज

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।