गंगा की अविरल धारा, न बंटे समाज : नरेंद्र मोदी

Saransh Kanaujia
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नई दिल्ली. मन की बात में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी रविवार को प्रयागराज के महाकुंभ को लेकर लगभग चार मिनट बोले। कहा कि महाकुंभ का संदेश, एक हो पूरा देश का मंत्र सभी लोग आत्मसात करें। प्रधानमंत्री ने कहा कि गंगा की अविरल धारा, न बटे समाज हमारा पर देशवासी चलें। प्रधानमंत्री ने कहा कि अगले वर्ष 13 जनवरी से शुरू हो रहे महाकुंभ की जबरदस्त तैयारी चल रही है। कुछ दिन पहले वह प्रयागराज गए थे। वहां हेलीकॉप्टर से महाकुंभ मेला क्षेत्र की विशालता को देखे थे। बोले, दिल प्रसन्न हो गया। विशाल, सुंदर और भव्यता देख मुग्ध हो गए।

महाकुंभ के आयोजन में करोड़ों लोग होंगे शामिल

पीएम मोदी ने कहा कि महाकुंभ की विशेषता इसकी विशालता ही नहीं, बल्कि विविधता भी है। महाकुंभ के आयोजन में करोड़ों लोग शामिल होने जा रहे हैं। लाखों संत होंगे, हजारों परंपराएं, अनेकों अखाड़ों आ रहे हैं, जो अनेकता में एकता का दृश्य दिखेगा, जो पूरे विश्व में कहीं और नहीं। उन्होंने कहा कि यह एकता का महाकुंभ है, जो एकता के मंत्र को सशक्त करेगा। उन्होंने देशवासियों से आह्वान किया कि महाकुंभ में जाएं तो एकता का संकल्प लेकर ही लौटें। विभाजन और विद्वेश की भावना को त्याग कर लौटें। डिजिटल महाकुंभ के बारे में भी उन्होंने विस्तृत जानकारी दी। कहा कि पहली बार महाकुंभ में एआइ चैटबाट का प्रयोग हो रहा है, जो 11 भारतीय भाषाओं में है, जिस पर टेक्स्ट मैसेज और बोलकर भी महाकुंभ की सभी जानकारी प्राप्त की जा रही है। बताया कि महाकुंभ में एआइ पावर कैमरे लगाए जा रहे हैं, जो महाकुंभ में बिछ़ड़ने वालों की सहायता करेंगे।

आइआइटी, ट्रिपल आइटी की मदद से महाकुंभ में होगी साइबर सुरक्षा

विश्वप्रसिद्ध महाकुंभ में साइबर सुरक्षा के लिए इस बार आइआइटी और ट्रिपल आइटी की मदद ली जाएगी। यहां के विशेषज्ञों के जरिए किसी भी तरह के साइबर अपराध के बारे में जानकारी जुटाने और उस पर अंकुश लगाने की दिशा में काम किया जाएगा। साइबर पेट्रोलिंग के जरिए श्रद्धालुओं, स्नानार्थियों को साइबर अपराध से बचाया जाएगा। शनिवार को एडीजी जोन भानु भास्कर ने आइजी रेंज प्रेम गौतम, पुलिस कमिश्नर तरुण गाबा, केंद्रीय एजेंसियों के अधिकारियों के साथ साइबर सुरक्षा पर मंथन किया। इस दौरान साइबर सुरक्षा से जुड़े पुलिस के साफ्टवेयर को आडिट कराने पर जोर दिया गया। कहा गया कि पुलिस के द्वारा इस्तेमाल किया जाने वाला साफ्टवेयर साइबर सुरक्षा के लिहाज से कितना अपडेट है और उसमें किस तरह के बदलाव की आवश्यकता है।

महाकुंभ के नाम पर फर्जी वेबसाइट बनाकर ठगी करने की घटनाओं के बीच साइबर अपराधियों की कारस्तानी पर लगाम लगाने के लिए भी जरूरी उपाय किए जाने की बात कही गई। बताया गया है कि महाकुंभ मेले में अलग-अलग सुविधा देने के नाम पर आनलाइन ठगी हो रही है। इसे देखते हुए केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय बनाया जा रहा है। खासकर आइआइटी कानपुर और ट्रिपल आइटी प्रयागराज के एक्सपर्ट से साइबर सुरक्षा के लिए मदद ली जाएगी। उनके सुझाव पर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

साभार : दैनिक जागरण

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