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आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने भाजपा नेताओं को दी मानहानि के मुकदमे की चेतावनी

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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नई दिल्‍ली. आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह की पत्‍नी के वोटर आईडी पर बीजेपी नेता मनोज तिवारी ने सवाल खड़े किए. दावा किया गया कि संजय सिंह की वाइफ ने 2024 लोकसभा चुनाव में दिल्ली में मतदान किया था. मनोज तिवारी का कहना है कि अगर शपथपत्र के मुताबिक अनीता सिंह यूपी के सुल्तानपुर में रजिस्‍टर्ड मतदाता हैं तो उनका दिल्ली में वोट देना अवैध और गैर-कानूनी है. बीजेपी की तरफ से इसे गंभीर मामला करार देते हुए चुनाव आयोग से तुरंत कार्रवाई की मांग की गई. संजय सिंह की तरफ से बीजेपी नेताओं पर झूठ बोलने का आरोप लगाते हुए उन्‍हें कोर्ट में घसीटने की धमकी दी गई है.

संजय सिंह का कहना है कि वो इस मामले को हल्‍के में नहीं लेंगे और मनोज तिवारी और अमित मालवीय के खिलाफ मानहानिक का केस करेंगे. संजय सिंह ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी का जन्म झूठ बोलने के लिए हुआ है. जब भी बीजेपी का नेता कुछ बोले तो उसे रीचेक कर लीजिए. मैंने पूर्वांचलियों के वोट कटवाए जाने का मुद्दा उठाया था तो उन्होंने  रोहिंग्या और बांग्लादेशी कहा. जब मैंने ये मुद्दा उठाया तो उन्होंने बदला लेने के लिए मेरी पत्नी का ही वोट कटवाने की एप्लिकेशन दे दी.

‘बीजेपी झूठों की पार्टी’

संजय सिंह ने कहा कि बीजेपी के झूठों का सेल एक्टिव हो गया. झूठ का IT सेल चला रहे हैं अमित मालवीय. तीन बार के निर्वाचित सांसद मनोज तिवारी जी झूठ फैला रहे हैं कि मेरी पत्नी का वोट सुल्तानपुर में बना हुआ है. क्या बीजेपी वाले हमारे पैतृक आवास पर भी कब्जा करना चाहते हैं? मैं बीजेपी से कहना चाहता हूं कि तुरंत इलेक्शन कमिशन की वेबसाइट पर जाकर मेरी पत्नी अनीता सिंह के एपिक नंबर 2202935 पर चेक करो कि कहां इनका वोट बना हुआ है.

‘मानहानि का केस करूंगा’

6 महीने पहले मेरी पत्नी ने वोट दिया है लोकसभा चुनाव में. फिर जिला निर्वाचन अधिकारी सुल्तानपुर में वहां का वोट काटने का प्रार्थना पत्र दिया गया है. वहां के वोट को काटने के लिए हस्ताक्षर भी किए गए हैं. मैं मनोज तिवारी और अमित मालवीय के खिलाफ मानहानि का मुकदमा करूंगा. बीजेपी का जन्म झूठ बोलने के लिए हुआ है. मनोज तिवारी ने आरोप लगाया था कि संजय सिंह की पत्नी का वोट दिल्ली और सुल्तानपुर में है.

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साभार : न्यूज18

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।