शनिवार, सितंबर 19 2026 | 04:03:59 AM

चुनावी रैली में आप विधायक महेंद्र गोयल मारपीट के कारण हुए बेहोश

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

नई दिल्ली. दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार रैली कर रहे आम आदमी पार्टी (AAP) विधायक महेंद्र गोयल के ऊपर कथित तौर पर हमला हुआ है. कथित मारपीट के बाद विधायक बेहोश हो गए हैं. शनिवार (1 फरवरी) की सुबह 11.15 पर पुलिस को यह सूचना मिली है. उन्हें अस्पताल ले जाया गाय है. पुलिस को कॉल मिली है कि आम आदमी पार्टी विधायक महेंद्र गोयल के साथ मारपीट हुई है और वो बेहोश हो गए हैं. बता दें कि इससे पहले महिंद्र गोयल के नाम की चर्चा तब हुई थी जब अवैध बांग्लादेशियों के सिंडिकेट के मामले में उन्हें दिल्ली पुलिस ने नोटिस भेजा था.

बीजेपी के गुंडों ने किया हमला- संजय सिंह

इस बीच, आप सांसद संजय सिंह ने फोटो शेयर करते हुए ट्वीट किया है. संजय सिंह ने लिखा, ”दिल्ली में BJP बुरी तरह हार रही है बौखलाहट में मार पीट पर उतर आई है. रिठाला से आप विधायक महिंद्र गोयल पर बीजेपी के गुंडों ने जानलेवा हमला किया. कहां सो रहा है चुनाव आयोग?”

अरविंद केजरीवाल की रैली से पहले महेंद्र गोयल पर हमला

बता दें कि यह हमला ऐसे वक्त में हुआ है जब अरविंद केजरीवाल रिठाला के बुध विहार में आज दोपहर 3 बजे जनसभा करने जा रहे हैं. महिंद्र गोयल 2015 से ही रिठाला से आम आदमी पार्टी के विधायक हैं. उन्हें आप ने फिर टिकट दिया है. उनका मुकाबला यहां बीजेपी के कुलवंत राणा और कांग्रेस सुशांत मिश्रा से है. 2015 के चुनाव में महेंद्र गोयल ने कुलवंत राणा को हराया था जबकि 2020 में बीजेपी ने रिठाला से मनीष चौधरी को टिकट दिया था जिन्हें महेंद्र गोयल ने करीब 13 हजार वोटों के अंतर से मात दी थी.

साभार : एबीपी न्यूज

- Advertisement -

भारत : 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि) व/या भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

सारांश कनौजिया की पुस्तकें 

ऑडियो बुक : भारत 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि)

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।