मुंबई. देश में नवंबर महीने में जीएसटी कटौती का असर देखने को मिला है. 1 दिसंबर को जारी सरकारी डेटा के मुताबिक, नवंबर में गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) कलेक्शन थोड़ा बढ़कर 1,70,276 करोड़ रुपये पर पहुंच गया. यह पिछले साल के नवंबर के मुकाबले 0.7 फीसदी ज्यादा है. हालांकि, अक्टूबर में जीएसटी कलेक्शन 1,95,936 करोड़ रुपये रहा था. नवंबर 2024 में यह कलेक्शन 1,69,016 करोड़ रुपये था.
नवंबर के जीएसटी कलेक्शन में सेंट्रल गुड्स सर्विसेज टैक्स (CGST) का हिस्सा 34,843 करोड़ रुपये, स्टेट गुड्स सर्विसेज टैक्स (SGST) का हिस्सा 42,522 करोड़ रुपये और इंटीग्रेटेड गुड्स सर्विसेज टैक्स (IGST) का हिस्सा 92,910 करोड़ रुपये रहा है.
सेस कलेक्शन में भारी गिरावट
वहीं, सेस से आय नवंबर में 4,006 करोड़ रुपये रही है. एक साल पहले यानी नवंबर 2024 में यह 12,950 करोड़ रुपये थी. नवंबर में सरकार ने 18,196 करोड़ रुपये का जीएसटी रिफंड जारी किया है. पिछले साल समान अवधि में जारी हुए 18,954 करोड़ रुपये के रिफंड के मुकाबले इसमें 4 फीसदी की कमी दर्ज की गई है. रिफंड के बाद नवंबर में नेट जीएसटी कलेक्शन 1,52,079 करोड़ रुपये रहा है, जबकि पिछले साल नवंबर में यह 1,50,062 करोड़ रुपये था.
वहीं, सेस से आय नवंबर में 4,006 करोड़ रुपये रही है. एक साल पहले यानी नवंबर 2024 में यह 12,950 करोड़ रुपये थी. नवंबर में सरकार ने 18,196 करोड़ रुपये का जीएसटी रिफंड जारी किया है. पिछले साल समान अवधि में जारी हुए 18,954 करोड़ रुपये के रिफंड के मुकाबले इसमें 4 फीसदी की कमी दर्ज की गई है. रिफंड के बाद नवंबर में नेट जीएसटी कलेक्शन 1,52,079 करोड़ रुपये रहा है, जबकि पिछले साल नवंबर में यह 1,50,062 करोड़ रुपये था.
सितंबर में लागू हुआ था जीएसटी रिफॉर्म
सितंबर में लागू हुए GST रिफॉर्म्स ने भी कलेक्शन पर असर डाला है. मंथली आधार पर जीएसटी कलेक्शन में गिरावट की वजह सरकार की ओर से 22 सितंबर से जीएसटी रिफॉर्म्स को लागू करना और फेस्टिव सीजन निकलने को माना जा रहा है. आमतौर पर दीपावली के बाद के महीने का जीएसटी कलेक्शन त्योहारी बिक्री न होने के कारण कम हो जाता है.
सितंबर में लागू हुए GST रिफॉर्म्स ने भी कलेक्शन पर असर डाला है. मंथली आधार पर जीएसटी कलेक्शन में गिरावट की वजह सरकार की ओर से 22 सितंबर से जीएसटी रिफॉर्म्स को लागू करना और फेस्टिव सीजन निकलने को माना जा रहा है. आमतौर पर दीपावली के बाद के महीने का जीएसटी कलेक्शन त्योहारी बिक्री न होने के कारण कम हो जाता है.
अब दो जीएसटी स्लैब
सितंबर में सरकार ने स्लैब की संख्या को चार -5 फीसदी, 12 फीसदी, 18 फीसदी और 28 फीसदी से घटाकर दो – 5 फीसदी और 18 फीसदी कर दिया था. साथ ही लग्जरी गुड्स पर 40 फीसदी का टैक्स लगाया गया है. वहीं, ज्यादातर वस्तुओं पर सरकार ने सेस समाप्त कर दिया है, जिसके कारण नवंबर में सेस आय में पिछले साल के मुकाबले बड़ी गिरावट देखने को मिली है.
सितंबर में सरकार ने स्लैब की संख्या को चार -5 फीसदी, 12 फीसदी, 18 फीसदी और 28 फीसदी से घटाकर दो – 5 फीसदी और 18 फीसदी कर दिया था. साथ ही लग्जरी गुड्स पर 40 फीसदी का टैक्स लगाया गया है. वहीं, ज्यादातर वस्तुओं पर सरकार ने सेस समाप्त कर दिया है, जिसके कारण नवंबर में सेस आय में पिछले साल के मुकाबले बड़ी गिरावट देखने को मिली है.
साभार : न्यूज18
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