रविवार, सितंबर 20 2026 | 12:35:28 PM

न तेजस्वी मुख्यमंत्री बन सकेंगे और न ही राहुल गांधी प्रधानमंत्री: अमित शाह

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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पटना. बिहार में चुनावी सरगर्मी बढ़ने के साथ ही जनसभाओं और रैलियों का दौर भी तेज हो गया है। इसी क्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने वैशाली में आयोजित जनसभा को संबोधित किया। अमित शाह ने अपने भाषण में विपक्षी दलों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि दिल्ली और बिहार दोनों की कुर्सियां खाली नहीं हैं, न ही तेजस्वी यादव मुख्यमंत्री बन पाएंगे और न ही राहुल गांधी प्रधानमंत्री।

अमित शाह ने मुजफ्फरपुर जिले में आयोजित विशाल जनसभा के दौरान विपक्षी दलों पर जमकर हमला किया। उन्होंने विशेष रूप से राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव को निशाने पर लिया। शाह ने कहा, “लालू यादव ने बिहार के लिए क्या किया? सिर्फ घोटाले किए और घोटालों की लाइन लगा दी।” उन्होंने चारा घोटाला, लैंड फॉर जॉब घोटाला, होटल बेचने का घोटाला और अलकतरा घोटाला का जिक्र करते हुए कहा कि लालू यादव ने हर क्षेत्र में भ्रष्टाचार फैलाया। वहीं, उन्होंने दावा किया कि भाजपा पर एक फूटी कौड़ी या चार आने का भी घोटाले का आरोप नहीं है।

शाह ने जनता से अपील की कि मुजफ्फरपुर जिले की 11 विधानसभा सीटों पर एनडीए को जीत दिलाने का काम करें। उन्होंने कहा कि उन्हें वोट किसी विधायक, मंत्री या नेता के लिए नहीं चाहिए, बल्कि बिहार को जंगलराज से मुक्त कराने के लिए चाहिए। शाह ने कहा कि जंगलराज वालों ने बिहार का पतन किया था, और अब वे फिर से बिहार में जंगलराज लाने की कोशिश कर रहे हैं। केंद्रीय गृह मंत्री ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जोड़ी को सराहा और दावा किया कि उनकी सरकार बिहार के विकास के लिए निरंतर काम कर रही है। उन्होंने राजद और कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि तेजस्वी यादव और राहुल गांधी का सपना कभी पूरा नहीं होगा।

उन्होंने अमित शाह ने आश्वासन दिया कि एनडीए की सरकार बिहार में फिर से बनेगी और राज्य का चौमुखी विकास होगा। उन्होंने मुजफ्फरपुर की जनता का आभार जताया और कहा कि उनके समर्थन से ही बिहार को भ्रष्टाचार और जंगलराज से बचाया जा सकता है।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।