रविवार, सितंबर 20 2026 | 07:01:29 AM

नितिन गडकरी ने सतत राष्ट्रीय राजमार्ग विकास के लिए नवीन नीतिगत हस्तक्षेप पर परामर्श कार्यशाला की अध्यक्षता की

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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भारत के बुनियादी ढांचे को मज़बूत करने और शहरी गतिशीलता में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी जी ने बुधवार को नई दिल्ली में एक परामर्श कार्यशाला की अध्यक्षता की। इस कार्यशाला में केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा जी, हर्ष मल्होत्रा ​​जी, राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी और नगर आयुक्त शामिल हुए।

कार्यशाला में विश्वस्तरीय, टिकाऊ और भविष्य के लिए तैयार परिवहन अवसंरचना के निर्माण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता पर प्रकाश डाला गया, जिसमें तेज़ी से बढ़ते शहरी क्षेत्रों में भीड़भाड़ कम करने पर विशेष ध्यान दिया गया। कार्यशाला में गणमान्य व्यक्तियों ने कई नवीन नीतिगत हस्तक्षेपों पर चर्चा की, जिनमें शहरी केंद्रों से यातायात को हटाने के लिए रिंग रोड और बाईपास का निर्माण शामिल है, जिससे शहरी राष्ट्रीय राजमार्गों पर भीड़भाड़ कम हो सके।

मुख्य चर्चाओं में स्थायी वित्तपोषण सुनिश्चित करने के लिए मूल्य-प्राप्ति वित्तपोषण मॉडल अपनाने और निर्बाध एकीकरण के लिए बुनियादी ढांचे के विकास को शहर के मास्टर प्लान के साथ रेखांकित करने पर भी ध्यान केंद्रित किया गया। इन उपायों से न केवल गतिशीलता में वृद्धि होगी बल्कि रिंग रोड और बाईपास के प्रभाव क्षेत्रों में नियोजित और विनियमित विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।

इन पहलों के साथ एमओआरटीएच आर्थिक विकास को बढ़ावा देने  कनेक्टिविटी में सुधार करने और समावेशी और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार शहरी विकास की नींव रखने के लिए अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।