शनिवार, सितंबर 19 2026 | 07:05:19 AM

EU Waste Shipment Rules: यूरोपीय संघ के नए नियमों से भारत के स्क्रैप आयात पर गहराया संकट, जानिए भारतीय उद्योग पर क्या पड़ेगा असर

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
4 Min Read
मुंबई । 
यूरोपीय संघ (EU) ने अपने कचरा निर्यात नियमों में बड़े बदलाव करते हुए Waste Shipments Regulation के कड़े प्रावधान लागू करने की दिशा में कदम बढ़ा दिया है। 21 मई 2027 से लागू होने वाले इन नियमों के तहत गैर-OECD (Non-OECD) देशों को गैर-खतरनाक कचरे (Non-Hazardous Waste) के निर्यात पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव है। भारत, जो यूरोपीय संघ से बड़ी मात्रा में Aluminium और Steel Scrap का आयात करता है, के लिए यह नीतिगत बदलाव चिंता का विषय बन गया है।
EU की ड्राफ्ट लिस्ट और भारत की स्थिति
यूरोपीय संघ की ओर से 18 सितंबर 2026 को अधिकृत देशों की एक Draft List प्रकाशित की गई है। इस सूची में उन देशों को जगह दी जा रही है जो यह साबित करने में सक्षम हैं कि वे पर्यावरण के अनुकूल मानकों (Environmentally Sound Manner) के अनुसार स्क्रैप का प्रबंधन करते हैं। फिलहाल इस शुरुआती सूची में भारत को मेटल स्क्रैप प्राप्त करने वाले देशों में शामिल नहीं किया गया है, जिससे भारत के लिए स्क्रैप आपूर्ति रुकने का जोखिम पैदा हो गया है।
भारतीय उद्योग और रीसायक्लिंग सेक्टर पर प्रभाव
  1. raw material की बढ़ती लागत: EU से Metal Waste की सप्लाई बंद या बाधित होने पर भारतीय Aluminium और Steel रीसायक्लर्स की कच्चे माल की लागत (Raw Material Cost) में भारी बढ़ोतरी हो सकती है।
  2. वैकल्पिक बाज़ारों पर निर्भरता: आपूर्ति श्रृंखला बनाए रखने के लिए भारतीय कंपनियों को अमेरिका, ब्रिटेन, मध्य पूर्व (UAE, सऊदी अरब) और अन्य एशियाई बाज़ारों से स्क्रैप आयात बढ़ाना होगा।
  3. घरेलू स्क्रैप इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास: आयातित स्क्रैप पर निर्भरता कम होने से देश के भीतर ही Domestic Scrap Collection, Sorting और Recycling Infrastructure को तेजी से विकसित करने की आवश्यकता होगी।
  4. सख्त पर्यावरणीय अनुपालन: EU से भविष्य में स्क्रैप प्राप्त करने के लिए भारतीय रीसायक्लिंग प्लांट्स को वैश्विक पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप प्रमाणित होना पड़ेगा।
महत्वपूर्ण तिथियां
तिथि घटना/चरण
18 सितंबर 2026 EU द्वारा अधिकृत देशों की ड्राफ्ट लिस्ट (Draft List) का प्रकाशन।
16 अक्टूबर 2026 Public Consultation की अंतिम तिथि (देश अपनी आपत्तियां व प्रमाण पेश कर सकते हैं)।
नवंबर 2026 EU की पहली Authorised Country List (अंतिम सूची) तय होने की उम्मीद।
21 मई 2027 नए EU Waste Export Rules के पूरी तरह लागू होने की निर्धारित तिथि।
क्या भारत पर पूरी तरह प्रतिबंध लग चुका है?
इसे फिलहाल यह कहना सही नहीं होगा कि 2027 से EU से भारत में Metal Scrap का पूर्ण प्रतिबंध लग चुका है। यह अभी प्रक्रियाधीन मामला है। भारत सरकार और उद्योग संघ 16 अक्टूबर 2026 तक अपने सुरक्षात्मक पर्यावरणीय साक्ष्य EU के समक्ष प्रस्तुत कर सकते हैं। इसके अलावा यह सूची हर 2 साल में पुनरीक्षित की जाती है, जिससे भारत के पास मानकों को पूरा कर दोबारा अनुमति पाने का विकल्प खुला रहेगा।
ताजा अंतर्राष्ट्रीय व्यापार और औद्योगिक समाचारों के लिए पढ़ें Matribhumi Samachar English.
FAQ
Q1: EU के नए Waste Shipment Rules का भारत पर क्या मुख्य असर होगा?
Ans: भारत के Aluminium और Steel रीसायक्लिंग उद्योगों के लिए सस्ते स्क्रैप की उपलब्धता कम हो सकती है, जिससे उत्पादन लागत बढ़ेगी और वैकल्पिक देशों से आयात बढ़ाना पड़ेगा।
Q2: क्या यूरोपीय संघ ने भारत में स्क्रैप निर्यात पर पूरी तरह से रोक लगा दी है?
Ans: नहीं, अभी केवल ड्राफ्ट लिस्ट जारी हुई है। अंतिम फैसला नवंबर 2026 तक लिया जाएगा और नियम 21 मई 2027 से लागू होंगे।
Disclaimer
यह लेख केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए प्रकाशित किया गया है। व्यापारिक और औद्योगिक नीतियां सरकारी घोषणाओं और यूरोपीय संघ के अंतिम निर्णयों के अधीन हैं।

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।