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उ.प्र. मदरसा बोर्ड ने कामिल और फाजिल की कक्षाएं बंद करने का दिया निर्देश

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
2 Min Read

लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मदरसों में अब कामिल (ग्रेजुएशन) और फाजिल (पोस्ट ग्रेजुएशन) की कक्षाएं नहीं चलेंगी. मदरसा शिक्षा परिषद ने इस संबंध में अध्यादेश जारी कर दिया है. वर्तमान में पढ़ रहे करीब 37 हजार छात्र-छात्राओं के भविष्य को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है, जिससे उनका भविष्य अधर में लटक गया है. मदरसा शिक्षा बोर्ड द्वारा संचालित कामिल और फाजिल की डिग्री को यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (UGC) से मान्यता नहीं मिली थी. सुप्रीम कोर्ट ने भी मदरसा बोर्ड के गठन को लेकर दिए गए फैसले में 12वीं के बाद दी जा रही डिग्री को असंवैधानिक करार दिया था. इसके बाद मदरसा शिक्षा परिषद ने कामिल और फाजिल की कक्षाएं बंद करने का आदेश जारी कर दिया है.

UGC से नहीं है मान्यता

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद कामिल और फाजिल की डिग्री की मान्यता का मामला शासन स्तर पर तय होने के बाद पहले से पढ़ रहे विद्यार्थियों के भविष्य पर फैसला लिया जाना था. अब शासन स्तर पर निर्णय होने के बाद बोर्ड ने मदरसों में चल रही कक्षाएं बंद करने का निर्णय लिया है. बोर्ड के रजिस्ट्रार आरपी सिंह ने सभी जिलों के अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारियों को पत्र भेजकर मदरसों में कामिल और फाजिल का पठन-पाठन को रोकने का आदेश जारी किया है. रजिस्ट्रार के मुताबिक कामिल और फाजिल के विद्यार्थियों का मामला हाईकोर्ट में है, लिहाजा कोर्ट से निर्णय के बाद ही तय हो पाएगा कि आगे क्या किया जा सकता है.

साभार : न्यूज़18

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।