रविवार, सितंबर 20 2026 | 03:22:43 PM

लाल किला ब्लास्ट केस में एनआईए ने देश के 22 स्थानों पर मारा छापा

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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नई दिल्ली. राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने सुबह-सुबह देश के कई राज्यों में एक साथ बड़े पैमाने पर छापेमारी की है. बिहार, यूपी और हरियाणा सहित कुल 22 लोकेशनों पर ये छापेमारी की जा रही है. ये कार्रवाई पिछले दिनों NIA की पटना ज़ोनल ऑफिस की तरफ से दर्ज की गई एक FIR से जुड़ी है, जिसमें अवैध हथियारों की सप्लाई और संदिग्ध नेटवर्क की जांच चल रही है. एनआईए सूत्रों के मुताबिक, इसी मामले में दिल्ली के लाल किले के पास हुए ब्लास्ट से जुड़े आरोपियों का कनेक्शन भी खंगाला जा रहा है.

सूत्रों के मुताबिक, NIA की टीमें दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और बिहार के कई जिलों में छापेमारी कर रही हैं। यह कार्रवाई उन नेटवर्क्स पर केंद्रित है, जिनके बारे में एजेंसी को इनपुट मिला था कि वे देशभर में अवैध तरीकों से हथियार और अन्य संदिग्ध सामान सप्लाई कर रहे हैं.

दिल्ली ब्लास्ट केस से कैसे जुड़े तार?

जांच में यह भी सामने आया है कि उत्तर भारत में सक्रिय इस गिरोह के तार कई राज्यों में फैले हुए हैं और यह नेटवर्क लंबे समय से पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों की रडार पर था.

NIA सूत्रों का कहना है कि यह मामला संभावित आतंकी मॉड्यूल से जुड़े तत्वों की जांच का हिस्सा है. इसी FIR की जांच के दौरान एजेंसी को कुछ अहम सुराग मिले हैं, जिनके आधार पर अब दिल्ली ब्लास्ट केस में गिरफ्तार या संदिग्ध आरोपियों के कनेक्शन भी खंगाले जा रहे हैं.

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क्या तलाश रही NIA?

जांचकर्ताओं का मानना है कि अवैध हथियार सप्लाई की यह चेन दिल्ली ब्लास्ट केस में शामिल नेटवर्क से जुड़ सकती है, इसलिए एजेंसी दोनों मामलों को समानांतर रूप से लिंक कर जांच आगे बढ़ा रही है.

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि अवैध तरीके से बड़ी मात्रा में हथियार बिहार, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के जरिए दिल्ली-एनसीआर में पहुंचाए जा रहे थे. NIA कई संदिग्ध लोगों की लिस्ट के आधार पर तलाशी कर रही है. छापेमारी के दौरान एजेंसी को डिजिटल डिवाइस, डॉक्यूमेंट्स और अन्य संभावित सबूत मिलने की उम्मीद है, जो इस अवैध सप्लाई चेन को उजागर कर सकते हैं.
साभार : न्यूज18

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।