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जानेमाने पत्रकार इलेवान ठाकर को पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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अहमदाबाद. गांधीनगर के जाने-माने पत्रकार और किसानराज दैनिक के संपादक इलेवान ठाकर को केंद्रीय शिक्षा विभाग और दिल्ली विश्वविद्यालय के संस्कृति एवं पर्यावरण आयोग की संयुक्त पहल पर दिल्ली विश्वविद्यालय के साहित्य विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. आलोक त्रिपाठी के मार्गदर्शन में साहित्य के क्षेत्र में विद्यावाचस्पति की मानद उपाधि प्रदान की गई। मानव जीवन में आचरण विषय पर इलेवान ठाकर द्वारा काफी समय से लेख लिखे जा रहे हैं। उन्होंने इस लेख पर शोध पत्र तैयार करने के लिए प्रोफेसर डॉ. आलोक त्रिपाठी के मार्गदर्शन में काम शुरू किया। केंद्रीय शिक्षा विभाग, नीति आयोग और साहित्य एवं पर्यावरण आयोग की संयुक्त पहल पर दिल्ली स्थित प्रधानमंत्री संग्रहालय तीन मूर्ति भवन में भारत के विभिन्न राज्यों से आए लोगों को विद्यावाचस्पति की मानद उपाधि प्रदान की गई। इलेवान ठाकर गुजरात में भारत रक्षा मंच के प्रांत अध्यक्ष हैं। वह परशुराम फाउंडेशन के ट्रस्टी और विश्व प्रवासी संघ के राष्ट्रीय महासचिव भी हैं, साथ ही कई शैक्षणिक और सामाजिक संगठनों में भी काम कर रहे हैं। विद्यावाचस्पति की मानद उपाधि मिलने पर उनके चाहने वालों में काफी खुशी है।

 

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।