रविवार, मई 17 2026 | 02:08:30 AM
Breaking News
Home / अंतर्राष्ट्रीय / तुर्की का युद्धपोत पाकिस्तान के साथ युद्धाभ्यास करने कराची बंदरगाह पहुंचा

तुर्की का युद्धपोत पाकिस्तान के साथ युद्धाभ्यास करने कराची बंदरगाह पहुंचा

Follow us on:

इस्लामाबाद. तुर्की की नेवी का जंगी जहाज (युद्धपोत) टीसीजी बुयुकडा पाकिस्तान पहुंचा है। पाकिस्तान नेवी ने रविवार को अपने बयान में कहा है कि कराची पोर्ट पर तुर्की का जहाज आया है। पाकिस्तान ने इसे तुर्की के साथ समुद्री सहयोग मजबूत करने की दिशा में अहम कदम कहा है। तुर्की का ये युद्धपोत ऐसे समय पर कराची आया है, जब पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ा हुआ है। हाल ही में तुर्की से पाकिस्तान को हथियारों भेजे जाने का दावा भी कुछ रिपोर्ट में किया गया था। हालांकि तुर्की ने इन खबरों का खंडन करते हुए साफ किया कि उसका विमान केवल ईंधन भरने के लिए पाकिस्तान में रुका था, इसे हथियार आपूर्ति जैसी चीजों से जोड़ना गलत है।

पाकिस्तान नौसेना के महानिदेशालय जनसंपर्क (DGPR) के अनुसार, कराची बंदरगाह पर पहुंचने पर तुर्की नौसैनिक जहाज का पाक नौसेना के अधिकारियों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। बयान में बताया गया है कि टीसीजी बुयुकाडा कुछ दिन कराची पोर्ट पर रहेगा। यहां जहाज के क्रू मेंबर पाकिस्तान नौसेना के लोगों के साथ मिलकर काम करेंगे। इससे दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच समझ बढ़ेगी और सहयोग मजबूत होगा। पाकिस्तान के इस बयान से ऐसा लगता है कि तुर्की का यह युद्धपोत पाकिस्तान की जल सेना के साथ युद्धाभ्यास भी करेगा।

तुर्की-पाकिस्तान के रक्षा संबंध

तुर्की और पाकिस्तान ने हालिया वर्षों में अपने रक्षा संबंध मजबूत किए हैं। तुर्की की रक्षा कंपनियां पाकिस्तान की पनडुब्बियों को बेहतर बनाने में मदद कर रही हैं। तुर्की से पाकिस्तान को ड्रोन जैसे सैन्य उपकरण भी मिल रहे हैं। दोनों देश मिलकर सैन्य अभ्यास भी करते रहते हैं। हाल ही में दोनों देशों ने अतातुर्क-XIII नाम से साझा सैन्य अभ्यास किया था। इसमें दोनों देशों की स्पेशल फोर्स ने हिस्सा लिया था।

तुर्की और पाकिस्तान में सैन्य सहयोग नया नहीं है लेकिन टीसीजी बुयुकडा का आना ऐसे समय में हुआ है, जब पाकिस्तान और भारत के बीच पहलगाम आतंकी हमले के मुद्दे पर तनाव है। भारत ने इस हमले का आरोप पाकिस्तान पर लगाया है। हालांकि इस्लामाबाद ने इससे इनकार किया है लेकिन इस घटना के बाद से दोनों देशों के रिश्ते बेहद निचले स्तर पर हैं। ऐसे में तुर्की के जहाज के कराची में आने ने भारत का ध्यान खींचा है।

पहलगाम हमले के बाद नियंत्रण रेखा पर गोलीबारी की घटनाएं बढ़ गई हैं। दोनों देशों ने एक-दूसरे के नागरिकों के वीजा रद्द कर दिए हैं। दोनों देशों ने एक-दूसरे के लिए हवाई स्पेस बंद कर दिया है और व्यापार भी पूरी तरह रोक दिया है। पाकिस्तान और भारत दोनों ने अपनी सैन्य ताकत दिखाने के लिए कुछ टेस्ट और अभ्यास भी किए हैं।

साभार : नवभारत टाइम्स

भारत : 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि) व/या भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

सारांश कनौजिया की पुस्तकें

ऑडियो बुक : भारत 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि)

मित्रों,
मातृभूमि समाचार का उद्देश्य मीडिया जगत का ऐसा उपकरण बनाना है, जिसके माध्यम से हम व्यवसायिक मीडिया जगत और पत्रकारिता के सिद्धांतों में समन्वय स्थापित कर सकें। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए हमें आपका सहयोग चाहिए है। कृपया इस हेतु हमें दान देकर सहयोग प्रदान करने की कृपा करें। हमें दान करने के लिए निम्न लिंक पर क्लिक करें -- Click Here


* 1 माह के लिए Rs 1000.00 / 1 वर्ष के लिए Rs 10,000.00

Contact us

Check Also

क्या सच में ट्रंप ने चीन का अपमान किया? जानें बीजिंग एयरपोर्ट पर गिफ्ट्स को कचरे में फेंकने का असली सच

बीजिंग । शनिवार, 16 मई 2026 अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की दो-दिवसीय हाई-प्रोफाइल चीन यात्रा …