रविवार, सितंबर 20 2026 | 06:37:44 AM

एक सहानुभूतिशील सरकार, गरीब कल्याण के लिए समर्पित : नरेंद्र मोदी

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
2 Min Read

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने गरीब कल्याण के प्रति एनडीए सरकार की अटूट प्रतिबद्धता को दोहराया, क्योंकि देश परिवर्तनकारी और समावेशी शासन के 11 वर्ष पूर्ण कर रहा है। उन्होंने कहा कि सशक्तिकरण, बुनियादी ढांचे और समावेश पर केंद्रित एक सहानुभूतिपूर्ण सरकार ने 25 करोड़ से अधिक लोगों को गरीबी से ऊपर उठाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

प्रधानमंत्री ने पीएम आवास योजना, पीएम उज्ज्वला योजना, जन धन योजना और आयुष्मान भारत जैसी परिवर्तनकारी योजनाओं के प्रभाव पर भी उल्लेख किया, जिससे आवास, भोजन पकाने के लिए स्वच्छ ईंधन, बैंकिंग और स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच का विस्तार हुआ है। उन्होंने लाभों के पारदर्शी और कुशल वितरण को सुनिश्चित करने में प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी), डिजिटल समावेशन और ग्रामीण बुनियादी ढांचे के महत्व को भी रेखांकित किया।

एक्स पर अपनी एक पोस्ट में प्रधानमंत्री ने लिखा;

“गरीब कल्याण के प्रति समर्पित एक सहानुभूतिपूर्ण सरकार!

- Advertisement -

पिछले एक दशक में, एनडीए सरकार ने कई लोगों को गरीबी की स्थिति से निकालने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, जिसमें सशक्तिकरण, बुनियादी ढांचे और समावेशन पर ध्यान केंद्रित किया गया है। हमारी सभी प्रमुख योजनाओं ने गरीबों के जीवन को बदल दिया है। पीएम आवास योजना, पीएम उज्ज्वला योजना, जन धन योजना और आयुष्मान भारत जैसी पहलों ने आवास, स्वच्छ खाना पकाने के ईंधन, बैंकिंग और स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच को बढ़ाया है। डीबीटी, डिजिटल समावेशन और ग्रामीण बुनियादी ढांचे पर बल ने पारदर्शिता और अंतिम सिरे तक लाभों की त्वरित डिलीवरी सुनिश्चित की है।

इसी के कारण 25 करोड़ से अधिक लोगों ने गरीबी को मात दी है। एनडीए एक समावेशी और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है, जहां प्रत्येक नागरिक को सम्मान के साथ जीने का अवसर मिले।

#गरीबकल्याण के 11वर्ष”

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।