लोड हो रहा है...

गोवा में इजरायली ड्रग डीलर यानिव बेनाइम उर्फ अताला को किया गिरफ्तार

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

पणजी. गोवा पुलिस ने इस्राइली नागरिक और कुख्यात ड्रग डीलर यानिव बेनाइम उर्फ अताला को शुक्रवार रात उत्तरी गोवा के सिओलिम गांव स्थित उसके घर से गिरफ्तार किया। पुलिस ने उसके पास से चरस और कोकीन बरामद की है। गोवा पुलिस के मुताबिक, ड्रग डीलर यानिव बेनाइम के घर पर की गई छापेमारी में करीब 110 ग्राम चरस और 50 ग्राम कोकीन जब्त की गई, जिसकी कुल कीमत नौ लाख रुपये से ज्यादा है। इस्राइली नागरिक को एनडीपीएस एक्ट (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंसेज एक्ट) के तहत गिरफ्तार किया गया है।

काफी दिनों से अताला पर थी पुलिस की निगरानी

गोवा पुलिस के प्रवक्ता ने बताया कि ड्रग डीलर पिछले कुछ समय से पुलिस की निगरानी में था। बता दें कि, यानिव बेनाइम उर्फ अताला साल 2010 में उस समय सुर्खियों में आया था जब उसके बयानों से गोवा में पुलिस, राजनेता और ड्रग माफिया के बीच के गठजोड़ का पर्दाफाश हुआ था। अताला उस समय जमानत पर छूटने के बाद अगस्त 2010 में फरार हो गया था। इसके बाद जनवरी 2011 में उसे पेरू में गिरफ्तार किया गया था और भारत लाया गया।

कैसे हुआ था ड्रग नेटवर्क का खुलासा

यानिव बेनाइम की पूर्व प्रेमिका की तरफ से छुपे कैमरे से बनाए गए एक वीडियो के जरिए यह ड्रग नेटवर्क उजागर हुआ था। इस खुलासे के बाद गोवा क्राइम ब्रांच ने जांच शुरू की थी, जिसमें सात पुलिसकर्मियों को ड्रग डीलरों से संबंध रखने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।

मामले की जांच में जुटी गोवा पुलिस

अब एक बार फिर कुख्यात ड्रग डीलर अताला की गिरफ्तारी से यह मामला फिर से चर्चा में आ गया है। फिलहाल गोवा पुलिस आगे की जांच में जुटी हुई है।

- Advertisement -

साभार : अमर उजाला

भारत : 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि) व/या भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

सारांश कनौजिया की पुस्तकें

ऑडियो बुक : भारत 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि)

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।