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रामनवमी पर अयोध्या में रामलला का 4 मिनट तक हुआ सूर्य तिलक

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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लखनऊ. रामनवमी पर अयोध्या में रामलला का जन्मोत्सव मनाया गया। जन्म के बाद उनका अभिषेक किया गया। रविवार दोपहर करीब 12 बजे अभिजीत मुहूर्त में रामलला का सूर्य अभिषेक हुआ। करीब 4 मिनट रामलला के मस्तक पर सूर्य किरणें पड़ीं। सूर्य तिलक के बाद रामलला की आरती की गई। सूर्य तिलक से पहले कुछ देर के लिए रामलला के पट बंद कर दिए गए और गर्भगृह की लाइट बंद कर दी गई। रामलला के सूर्य तिलक के लिए अष्टधातु के पाइप से सिस्टम बनाया गया है। इसमें 4 लेंस और 4 मिरर के जरिए गर्भगृह तक रामलला के मस्तक पर किरणें पहुंचाई गईं।

अयोध्या में इस समय करीब 5 लाख श्रद्धालु हैं। राम जन्मभूमि परिसर में लंबी लाइनें लगी हैं। राम मंदिर के बाहर एक किमी लंबी लाइन लगी है। इससे पहले, सुबह 9.30 बजे रामलला को पंचामृत से स्नान कराकर शृंगार किया गया। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड पर हाउसफुल जैसे हालात हैं। गर्मी को देखते हुए राम पथ, भक्ति पथ, धर्म पथ और राम जन्मभूमि पथ पर श्रद्धालुओं के लिए रेड कारपेट बिछाई गई है। ड्रोन से श्रद्धालुओं पर सरयू जल छिड़का गया। जगह-जगह शेड बनवाए गए हैं।

सरयू घाटों पर 2 लाख दीप जलाएंगे

पहली बार तैयारी है कि रामनवमी पर दीपोत्सव भी मनाया जाएगा। सरयू के घाटों पर 2 लाख दीप जलाए जाएंगे। सुरक्षा को देखते हुए मंदिर परिसर की सुरक्षा के लिए AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। 1000 से ज्यादा CCTV से मॉनिटरिंग हो रही है। ड्रोन से भी निगरानी की जा रही है।

साभार : दैनिक भास्कर

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।