रविवार, सितंबर 20 2026 | 03:21:40 PM

शशि थरूर ने वैवाहिक बलात्कार को अपराध बताने वाला विधेयक पेश किया

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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नई दिल्ली. कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने वैवाहिक बलात्कार को अपराध की श्रेणी में शामिल करने के प्रस्ताव वाला एक निजी विधेयक शुक्रवार को लोकसभा में पेश किया. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत को अपने संवैधानिक मूल्यों को कायम रखना चाहिए. उन्होंने पत्नी से जबरन शारीरिक संबंध बनाने को मर्दों की क्रूरता करार दिया.

वैवाहिक बलात्कार को अपराध की श्रेणी में डालने की जरूरत

थरूर ने एक्स पर पोस्ट में कहा कि वैवाहिक बलात्कार को अपराध की श्रेणी में डालने की तत्काल जरूरत है. उन्होंने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) में संशोधन के लिए निजी विधेयक पेश करते हुए कहा कि भारत को अपने संवैधानिक मूल्यों को बनाए रखना चाहिए और ‘ना का मतलब ना’ से ‘सिर्फ़ हां का मतलब हां’ होने की ओर बढ़ना चाहिए. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि विवाह महिला के सहमति देने या अस्वीकार करने के अधिकार का हनन नहीं कर सकता.

यह  महिला की स्वायत्तता का अनादर

कांग्रेस सांसद ने कहा कि हर महिला को विवाह संबंध के दायरे में शारीरिक स्वायत्तता और गरिमा का मौलिक अधिकार मिलना चाहिए. अब कार्रवाई का समय आ गया है. उन्होंने कहा कि अगर पति पत्नी को यौन संबंध बनाने के लिए मजबूर करता है तो यह  महिला की स्वायत्तता का अनादर है. यह नियंत्रण और लिंग-आधारित हिंसा की संस्कृति को बढ़ावा देने वाला है.

शशि थरूर ने दो अन्य गैर सरकारी विधेयक भी किए पेश

इसके साथ ही शशि थरूर ने दो अन्य गैर सरकारी विधेयक भी पेश किए जो व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य स्थिति संहिता, 2020 में संशोधन तथा राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पुनर्गठन की सिफारिश केंद्र को करने के लिए राज्य और केंद्र शासित प्रदेश पुनर्गठन आयोग की स्थापना से संबंधित हैं.

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साभार : एनडीटीवी

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।