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महाकुंभ मेला क्षेत्र के सेक्टर 18 में लगी आग, नहीं हुई कोई जनहानि

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

लखनऊ. उत्तर प्रदेश स्थित प्रयागराज में महाकुंभ मेला क्षेत्र में शुक्रवार, 7 फरवरी को आग लग गई. हालांकि फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पा लिया है. आग लगने की घटना पीपा पुल संख्या 18 के पास घटी. मौके पर आरएएफ, यूपी पुलिस और दमकल ने पहुंच कर स्थिति को नियंत्रित किया. आग  सेक्टर 18,  शंकराचार्य मार्ग पर हरिहरानंद कैंप में लगी. पत्रकारों से बात करते हुए एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि आग लगी और कुछ मिनटों के भीतर ही काबू पा लिया गया. कोई जनहानि नहीं हुई है. आर्थिक नुकसान का आंकलन किया जा रहा है. फायर ब्रिगेड की स्पेशलाइज्ड टीम यह पता लगाएगी कि आग किस वजह से लगी.

एक पुलिस अधिकारी ने मौके पर अनाउंस करते हुए कहा कि कोई कैजुअलटी नहीं है और सब चीजें कंट्रोल में हैं. सभी लोग असेंबली प्वाइंट पर आ जाएं. आग लगने के बाद पांटून पुल संख्या 18 पर श्रद्धालुओं की भीड़ लग गई. सेक्टर 18 में आग जिस जगह पर लगी थी, वहां बड़ी संख्या में संत और महात्मा रहते हैं. बीते कई दिनों से यहां इतनी भीड़ हो रही है कि तिल रखने की जगह नहीं होती. मौके पर पहुंची पुलिस, आरएएफ और दमकल ने टीमवर्क करते हुए कहीं रास्ता रोका, तो कहीं रूट डायवर्ट किया. ऐसे में राहत की बात यह रही कि कोई जनहानि नहीं हुई.

ओल्ड जीटी रोड पर  सुबह आग लगी

उधर,  महाकुंभ नगर के सेक्टर-19 के पास ओल्ड जीटी रोड पर एक शिविर में शुक्रवार सुबह आग लग गई. पुलिस ने यह जानकारी दी. पुलिस ने बताया कि मौके पर पहुंची दमकल की गाड़ियां आग बुझाने में लगी हैं. खाक चौक थाना के प्रभारी निरीक्षक योगेश चतुर्वेदी ने बताया कि ओल्ड जीटी रोड पर तुलसी चौराहे के पास एक शिविर में आग लग गई है. हालांकि, अग्निशमनकर्मी आग बुझाने में लगे हैं और काफी हद तक उस पर काबू पा लिया गया.

साभार : एबीपी न्यूज

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।