शुक्रवार, सितंबर 11 2026 | 06:57:40 PM

लालू प्रसाद यादव के घर ताजिया का जुलूस पहुँचने पर राबड़ी देवी ने की पूजा

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

पटना. मुहर्रम का ताजिया रविवार को राष्ट्रीय जनता दल के मुखिया लालू यादव के घर भी पहुंचा। राबड़ी देवी ने ताजिए का स्वागत किया और पूजा भी की। वहीं, लालू यादव ने भी कुर्सी पर बैठकर ताजिया देखा। लालू का पूरा परिवार ताजिया देखने बाहर आया था। इस घटना का वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में राबड़ी देवी पूजा करती दिख रही हैं। वहीं, लालू यादव कुर्सी पर बैठे नजर आ रहे हैं। लालू के सामने ताजिये के जुलूस में शामिल लोग करतब कर रहे हैं और लालू यादव श्रद्धाभाव के साथ ताजिया देख रहे हैं।

मुहर्रम पर्व के दौरान कई इलाकों में हादसे और झड़प की घटनाएं भी हुईं। दरभंगा में ताजिया निकालते समय कई लोग करंट की चपेट में आ गए। इस हादसे में 50 लोग झुलस गए। वहीं, गोपालगंज में लाठी भांजने को लेकर दो गुटों में झड़प हो गई। इस घटना में एक दर्जन से ज्यादा लोग घायल हो गए।

गोपालगंज में हिंसक झड़प

गोपालगंज में मोहर्रम पर्व के दौरान अखाड़ा मिलान को लेकर दो पक्षों में हिंसक झड़प हो गई। इस झड़प में एक दर्जन से ज्यादा लोग घायल हो गए। सभी घायलों को सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया। माझागढ़ के छवही तकी गांव में कल शाम अखाड़ा के दौरान दो गांवों के बीच लाठी भांजने को लेकर झड़प हुआ था। यही विवाद आज विवाद बढ़ गया और दोनों गांवों में हिंसक झड़प हो गई, जिसमें एक दर्जन से ज्यादा लोग घायल हो गए।

औरंगाबाद में फहराए दूसरे देश के झंडे

औरंगाबाद में मोहर्रम के दौरान जुलूस में लोगों ने दूसरे देश के झंडे फहराए। इस दौरान पुलिस मूकदर्शक बनी रही। यह झंडा शहर के नवाडीह रोड के भगवान शंकर के मंदिर के पास दिखा। बताया जाता है कि यह झंडा संयुक्त अरब अमीरात का है। इस दौरान जुलूस में तिरंगा भी था मगर उसे लेकर लोग किनारे खड़े नजर आए।

दरभंगा में 50 झुलसे

दरभंगा के ककोढ़ा में मुहर्रम मनाते समय हाई टेंसशन बिजली की तार के चपेट में आने से 50 लोग झुलस गए। यहां सड़क से जा रहा ताजिया 11 हजार हाई वोल्टेज तार की चपेट में आ गया। इस जुलूस में तीन गांव के लोग शामिल थे। सभी करंट की चपेट में आ गए।

साभार : इंडिया टीवी

भारत : 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि) व/या भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

सारांश कनौजिया की पुस्तकें

ऑडियो बुक : भारत 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि)

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।