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ईडी ने अनिल अंबानी को फिर समन जारी कर 14 नवंबर को पूछताछ के लिए बुलाया

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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मुंबई. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुरुवार को रिलायंस एडीए समूह के प्रमुख अनिल अंबानी को 14 नवंबर को पेश होने का समन भेजा है। बताया गया है कि उनसे कथित धनशोधन मामले में पूछताछ की जाएगी। न्यूज एजेंसी पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रिलायंस समूह के चेयरमैन अनिल अंबानी को कथित बैंक धोखाधड़ी व धन शोधन मामले में अगले सप्ताह फिर से पूछताछ के लिए बुलाया है। 66 वर्षीय व्यवसायी से संघीय जांच एजेंसी ने अगस्त में पूछताछ की थी।

सूत्रों ने बताया कि अनिल अंबानी को भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) में कथित बैंक ऋण धोखाधड़ी से जुड़े धन शोधन मामले में पूछताछ के लिए 14 नवंबर को पेश होने के लिए कहा गया है। एजेंसी ने हाल ही में अंबानी समूह की कंपनियों के खिलाफ अपनी जांच के तहत 7,500 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की है।

केंद्रीय जांच एजेंसी ने 3 नवंबर को अनिल अंबानी से जुड़ी कंपनियों की करीब 7500 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की थी। ईडी ने भारतीय दंड संहिता, 1860 की धारा 120-बी, 406 और 420 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1989 की धारा 13(2) सहपठित धारा 13(1)(डी) के तहत केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की ओर से दर्ज एफआईआर के आधार पर यह कार्रवाई की थी।

इसके बाद, अनिल अंबानी समूह की सूचीबद्ध कंपनियों ने स्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी में कहा कि प्रवर्तन निदेशालय की ओर से कुर्क की गई अधिकांश संपत्ति रिलायंस कम्युनिकेशंस की हैं। समूह की ओर से बताया गया कि  यह कंपनी फिलहाल समाधान पेशेवर (आरपी) और भारतीय स्टेट बैंक के नेतृत्व वाली ऋणदाताओं की समिति (सीओसी) के नियंत्रण में है।

साभार : अमर उजाला

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।