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अवैध परमाणु गतिविधियां पाकिस्तान का पुराना इतिहास: भारतीय विदेश मंत्रालय

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नई दिल्ली. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा पाकिस्तान के गुप्त परमाणु परीक्षणों को लेकर किए गए सनसनीखेज दावे ने अंतरराष्ट्रीय हलचल बढ़ा दी है. ट्रंप ने कुछ दिन पहले यह कहा था कि रूस, चीन, उत्तर कोरिया के साथ-साथ पाकिस्तान भी गुप्त रूप से परमाणु परीक्षण कर रहा है. उनके इस दावे पर अब भारत ने पहली प्रतिक्रिया दी है. विदेश मंत्रालय (MEA) ने कहा कि पाकिस्तान का इतिहास ही गैरकानूनी और छिपी हुई परमाणु गतिविधियों से भरा रहा है और भारत इस बारे में हमेशा दुनिया को आगाह करता आया है.

पाकिस्तान के परमाणु इतिहास पर भारत का बयान

MEA के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान की दशकों पुरानी गतिविधियां- जैसे तस्करी, एक्सपोर्ट कंट्रोल उल्लंघन, गुप्त सहयोग, एक्यू खान नेटवर्क और परमाणु प्रसार उसके रिकॉर्ड का हिस्सा रही हैं. उन्होंने कहा कि भारत हमेशा अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान पाकिस्तान की इन्हीं कार्रवाइयों की ओर दिलाता रहा है. इसी संदर्भ में भारत ने ट्रंप के बयान को ‘नोट’ किया है.

ट्रंप ने क्या दावा किया था?

2 नवंबर को CBS के कार्यक्रम 60 Minutes में ट्रंप ने दावा किया था कि रूस, चीन और पाकिस्तान परमाणु परीक्षण कर रहे हैं, जबकि अमेरिका इस हिस्से में पीछे है. उन्होंने कोई ठोस जानकारी नहीं दी, लेकिन उनके बयान के बाद सोशल मीडिया पर यह चर्चा शुरू हो गई कि पाकिस्तान ने अप्रैल-मई 2025 के बीच गुप्त परीक्षण किया होगा, जब अफगानिस्तान-पाकिस्तान क्षेत्र में लगातार मध्यम तीव्रता के भूकंप आए थे.

भूकंप और पुराने परीक्षणों जैसी रीडिंग

30 अप्रैल से 12 मई के बीच 4.0 से 4.7 तीव्रता वाले कई भूकंप आए, जिनकी तुलना 1998 के चागाई-I और चागाई-II परमाणु परीक्षणों से की गई. हालांकि पाकिस्तान ने किसी भी परीक्षण से साफ इनकार किया, यह कहते हुए कि वह ‘पहले परीक्षण करने वाला देश नहीं रहा है और न आगे होगा.’ पाकिस्तान ने आखिरी बार 1998 में परमाणु परीक्षण किए थे, जब भारत के पोखरण-II परीक्षण के बाद उसने जवाब दिया था. तब से अब तक पाकिस्तान ने आधिकारिक तौर पर कोई परमाणु परीक्षण नहीं किया है.

भारत ने ट्रंप के भारत-यात्रा वाले बयान पर कुछ नहीं कहा

MEA के प्रवक्ता ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप की भारत यात्रा से जुड़े बयानों पर अभी उनके पास साझा करने के लिए कोई जानकारी नहीं है. जिस समय जानकारी उपलब्ध होगी, तब बताया जाएगा.

क्वाड पर भारतीय रुख

क्वाड के बारे में MEA ने कहा कि यह चार देशों के बीच इंडो-पैसिफिक के महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा का एक मूल्यवान मंच है. उन्होंने बताया कि हाल ही में मुंबई में इंडिया मैरीटाइम वीक के दौरान क्वाड के “पोर्ट्स ऑफ द फ्यूचर कॉन्फ्रेंस” का आयोजन किया गया था.

मेजर विक्रांत कुमार जैतली मामले पर भारत की मदद जारी

MEA ने बताया कि रिटायर्ड मेजर विक्रांत कुमार जैतली से जुड़े मामले में भारत लगातार UAE अधिकारियों के संपर्क में है और अब तक चार बार कांसुलर विजिट भी की जा चुकी हैं. भारत उनकी पत्नी और परिवार के संपर्क में है और सभी संभव सहायता दे रहा है. यह मामला 3 नवंबर को दिल्ली हाई कोर्ट में भी उठाया गया था और कोर्ट के निर्देशों के अनुसार सरकार कार्रवाई कर रही है.

साभार : एबीपी न्यूज

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