नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद शमी और पश्चिम बंगाल सरकार से सुप्रीम कोर्ट ने जवाब मांगा है। यह नोटिस शमी की अलग रह रही पत्नी हसीन जहां की उस याचिका पर जारी किया गया है, जिसमें उन्होंने गुजारा भत्ता बढ़ाने की मांग की है। हसीन जहां ने कोर्ट से कहा है कि वर्तमान राशि उनके और बेटी के खर्चों के लिए अपर्याप्त है।
सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी
हाई कोर्ट का आदेश
विवादों में रहा रिश्ता
इतने रुपये प्रतिमाह दे रहे शमी
हसीन जहां का बयान
कोर्ट के इस फैसले के बाद हसीन जहां का बयान आया था। उन्होंने बताया कि शादी से पहले वह मॉडलिंग करती थीं, लेकिन शमी ने उन्हें गृहिणी बनकर जीने के लिए कहा। हसीन जहां ने कहा- ‘मैं शादी से पहले मॉडलिंग और एक्टिंग करती थी। शमी ने मुझे मेरा पेशा छोड़ने के लिए मजबूर किया। वह चाहता था कि मैं सिर्फ एक गृहिणी की जिंदगी जियूं। मैं शमी से इतना प्यार करती थी कि मैंने खुशी-खुशी यह स्वीकार कर लिया… लेकिन अब मेरे पास खुद की कोई कमाई नहीं है। हमारे भरण-पोषण की सारी जिम्मेदारी शमी को उठानी होगी।’
हसीन जहां ने शमी पर उनकी जिंदगी बर्बाद करने का आरोप भी लगाया था। उन्होंने आगे कहा था- ‘वह (शमी) अपनी बेटी की सुरक्षा, भविष्य और खुशी नहीं देख सकता। उसे हसीन जहां की जिंदगी बर्बाद करने की अपनी जिद भी छोड़ देनी चाहिए। वह मुझे बर्बाद नहीं कर सकता क्योंकि मैं न्याय के रास्ते पर हूं, जबकि वह अन्याय के रास्ते पर है।’
साभार : अमर उजाला
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