मनीला. दक्षिण चीन सागर में टेंशन एक बार फिर सामने आई गई है, जब चीनी सेना ने सागर के विवादित इलाके में गश्त कर रहे फिलीपींस के एक विमान की तरफ अपने तीन चमकते फ्लेयर दागे। हालांकि, यह तुरंत स्पष्ट नहीं हो पाया कि चीनी द्वीप सुबी रीफ से दागे गए फ्लेयर्स फिलीपींस के ग्रैंड कैरावैन विमान से कितनी दूरी पर थे। लेकिन आसमान में उठे फ्लेयर भले किसी टकराव में नहीं बदले, लेकिन इसने उस समुद्री इलाके में बढ़ती बेचैनी को साफ उजागर किया, जिसे चीन और फिलीपींस समेत कई देश अपनी संप्रभुता का हिस्सा बताते हैं।
जब ड्रैगन से फिलीपीनी विमान का हुआ सामना
बता दें कि चीनी सेना ने शनिवार को दक्षिण चीन सागर के विवादित एरिया में नियमित गश्त पर निकले एक फिलीपीनी प्लेन की तरफ एक द्वीप से 3 फ्लेयर दागे, लेकिन इस घटना से कोई समस्या नहीं हुई। फिलीपीनी विमान ने अपनी गश्त जारी रखी। यह जानकारी फिलीपींस कोस्ट गार्ड ने दी। चीनी अधिकारियों ने भी इस घटना पर तुरंत टिप्पणी नहीं की है। चीन ने दक्षिण चीन सागर के करीब-करीब पूरे हिस्से जो कि एक प्रमुख वैश्विक व्यापार मार्ग है, पर दावा कर चुका है। वह हमेशा अपनी संप्रभुता की कड़ी रक्षा करने की बात कहता है।
फिलीपीनी विमान ने रिकॉर्ड की ड्रैगन की कारिस्तानी
जान लें कि चीनी सैनिक पहले भी अपने कब्जे वाले आईलैंड्स और अपने विमानों से फ्लेयर दागकर अन्य देशों के विमानों को उस इलाके से दूर रहने की चेतावनी देते रहे हैं, जिसे वह अपना हवाई क्षेत्र बताते हैं। हाल की घटना पर फिलीपींस कोस्ट गार्ड ने कहा कि निगरानी उड़ान में शामिल हमारे विमान ने कानूनी ओवरफ्लाइट के दौरान रीफ से विमान की तरफ दागे गए 3 फ्लेयर्स का वीडियो फुटेज रिकॉर्ड किया।
चीन ने सुबी के पास की है ये चालाकी
उन्होंने आगे कहा कि इन उड़ानों का मकसद समुद्री पर्यावरण की निगरानी करना है, मत्स्य संसाधनों की हालत का आकलन करना है और पश्चिम फिलीपींस सागर में अपने मछुआरों की सिक्योरिटी सुनिश्चित करना है। हमने सुबी के पास के जल में 2 चीनी तटरक्षक जहाजों और 29 संदिग्ध मिलिशिया जहाजों को लंगर डाले हुए पाया। गौरतलब है कि फिलीपींस के अलावा, वियतनाम, मलेशिया, ब्रुनेई और ताइवान भी इस जलक्षेत्र पर लंबे वक्त से चले आ रहे विवादों में शामिल हैं।
साभार : इंडिया टीवी
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