शनिवार, सितंबर 19 2026 | 04:04:05 AM

आम आदमी पार्टी को हराकर दिल्ली में 27 साल बाद भाजपा सरकार, अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया भी हारे

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

नई दिल्‍ली. दिल्ली में BJP की दमदार एंट्री हो चुकी है. 27 साल का वनवास समाप्त करते हुए भाजपा ने दिल्ली में भगवा लहरा दिया है. दिल्ली वालों ने आम आदमी पार्टी (AAP) को ऐसे नकारा कि पार्टी के नंबर-1 नेता अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal), नंबर-2 नेता मनीष सिसोदिया (Manish Sisodia), सौरभ भारद्वाज तक चुनाव हार गए. दिल्ली में भाजपा को मिली प्रचंड जीत पर पीएम मोदी ने कहा कि विकास और सुशासन की जीत हुई. पीएम मोदी ने यह भी कहा कि हम दिल्ली के विकास में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ेंगे. यह गारंटी है. दूसरी ओर अरविंद केजरीवाल ने हार स्वीकार कर ली है. केजरीवाल ने कहा हम हार स्वीकार करते हैं.

दिल्ली में भाजपा के आप के कई महारथियों धूल चटा दी है. अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, सौरभ भारद्वाज, अवध ओझा सहित कद्दावर नेता हार गए. हालांकि कालकाजी सीट पर लगातार पिछड़ने के बाद भी आतिशी चुनाव जीत गई. मालूम हो कि दिल्ली का पहला रुझान भाजपा के पक्ष में गया था. जिसके बाद भाजपा ने लगातार अपनी बढ़त बनाई रखी. अभी तक रुझान की बात करें तो भाजपा 48 सीटों पर आगे चल रही है. इसमें कई सीटों पर भाजपा चुनाव जीत चुकी है. वहीं आप 22 सीटों पर आगे चल रही है या चुनाव जीत चुकी है. दिल्ली के रुझानों पर भाजपा खेमे में खुशी की लहर है. शाम 7.30 बजे पीएम मोदी भाजपा मुख्यालय पर कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे.

3182 वोटों के अंतर से प्रवेश वर्मा ने केजरीवाल को हराया

नई दिल्ली सीट से अरविंद केजरीवाल भी हार गए हैं. केजरीवाल 3182 वोटों के अंतर से प्रवेश वर्मा से चुनाव हार गए. जंगपुरा में मनीष सिसोदिया हार गए हैं. दिल्ली में कुल विधानसभा सीटें 70 हैं. यहां बहुमत का आंकड़ा 36 है. ज्‍यादातर एग्जिट पोल में भाजपा को आप पर बढ़त दिखाई गई है. जो अब सही साबित होती नजर आ रही है.

साभार : एनडीटीवी

- Advertisement -

भारत : 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि) व/या भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

सारांश कनौजिया की पुस्तकें 

ऑडियो बुक : भारत 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि)

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।