रविवार, सितंबर 20 2026 | 02:23:54 AM

पाकिस्तान ने भारत के 15 शहरों पर की हमले की नाकाम कोशिश

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

नई दिल्ली. पाकिस्तान ने 07-08 मई 2025 की रात को ड्रोन और मिसाइलों का इस्तेमाल करके अवंतीपुरा, श्रीनगर, जम्मू, पठानकोट, अमृतसर, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, आदमपुर, भटिंडा, चंडीगढ़, नल, फलौदी, उत्तरलाई और भुज सहित उत्तरी और पश्चिमी भारत में 15 शहरों के सैन्य ठिकानों पर हमला करने की कोशिश की.

हालांकि, भारतीय सेना ने इन हमलों को यूएएस ग्रिड और एयर डिफेंस सिस्टम द्वारा बेअसर कर दिया. इन हमलों के मलबे अब कई स्थानों से बरामद किए जा रहे हैं जो पाकिस्तानी हमलों की पुष्टि करते हैं. आज सुबह भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान में कई स्थानों पर एयर डिफेंस रडार और सिस्टम को निशाना बनाया. सूत्रों के अनुसार, भारतीय सेना ने लाहौर में एक एयर डिफेंस सिस्टम को तबाह कर दिया गया है.

भारत का पलटवार

भारत ने इस हमले का जवाब उसी अंदाज़ में, उतनी ही तीव्रता के साथ और उसी क्षेत्र में दिया है. आज सुबह भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान के कई एयर डिफेंस रडार और सिस्टम्स को निशाना बनाया. खबर है कि लाहौर का एक एयर डिफेंस सिस्टम पूरी तरह निष्क्रिय कर दिया गया है. आपको बता दें, भारत ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि उसने पाकिस्तान के किसी सैन्य मुख्यालय को निशाना नहीं बनाया था और अब भी भारत का मकसद युद्ध को बढ़ाना नहीं, बल्कि जवाब देना है.

LOC पर फिर गोला-बारूद की बौछार

सीमा पर भी फायरिंग लगातार हो रही है. कुपवाड़ा, बारामुला, पुंछ, मेंढर, राजौरी जैसे क्षेत्रों में पाकिस्तान ने मोर्टार और हैवी आर्टिलरी से गोलीबारी की है. इस नापाक फायरिंग में 16 निर्दोष भारतीय नागरिकों की जान चली गई, जिनमें तीन महिलाएं और पांच बच्चे शामिल हैं.

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भारत ने दिया करारा जवाब

भारत का संदेश साफ है “हम escalation नहीं चाहते, पर जवाब देना आता है” भारतीय सेना ने दोबारा साफ किया है कि भारत युद्ध नहीं चाहता. लेकिन अगर उसकी सैन्य ठिकानों या नागरिकों पर हमला होता है, तो भारत जवाब देने में पीछे नहीं हटेगा. यही वजह है कि एलओसी पर पाकिस्तान के गोला-बारूद का जवाब जम कर दिया जा रहा है.

साभार : एबीपी न्यूज

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।