रविवार, सितंबर 20 2026 | 07:01:16 AM

भारत और इजराइल ने द्विपक्षीय निवेश समझौते (बीआईए) पर हस्ताक्षर किए

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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भारत सरकार और इजराइल सरकार ने आज नई दिल्ली में एक द्विपक्षीय निवेश समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते पर केंद्रीय वित्त एवं कॉर्पोरेट कार्य मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण और इजराइल के वित्त मंत्री श्री बेजालेल स्मोट्रिच ने हस्ताक्षर किए।

बीआईए पर हस्ताक्षर इजराइली प्रतिनिधिमंडल की उपस्थिति में किए गए, जिसमें इजराइल सरकार और भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।

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यह समझौता दोनों देशों के संबंधों में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होगा। इस समझौते से निवेश को बढ़ावा मिलने, निवेशकों के लिए अधिक निश्चितता और सुरक्षा प्रदान करने, न्यूनतम व्यवहार मानक सुनिश्चित करके व्यापार और पारस्परिक निवेश को बढ़ावा देने और मध्यस्थता के माध्यम से एक स्वतंत्र विवाद समाधान प्रणाली स्थापित होने की उम्मीद है। इस समझौते में निवेश को जब्ती से बचाने, पारदर्शिता सुनिश्चित करने और सुचारू हस्तांतरण एवं नुकसान की भरपाई के प्रावधान भी शामिल हैं। साथ ही, यह नियामक अधिकारों के साथ निवेशक संरक्षण को सावधानीपूर्वक संतुलित करता है, जिससे संप्रभु शासन के लिए पर्याप्त नीतिगत गुंजाइश बनी रहती है।

इस समझौते पर हस्ताक्षर दोनों देशों की आर्थिक सहयोग बढ़ाने और एक अधिक सुदृढ़ एवं सशक्त निवेश वातावरण बनाने की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। इस समझौते से दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय निवेश में वृद्धि का मार्ग प्रशस्त होने की उम्मीद है, जो वर्तमान में कुल 800 मिलियन अमेरिकी डॉलर है, जिससे दोनों देशों के व्यवसायों और अर्थव्यवस्थाओं को लाभ होगा। इस संबंध में, वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने बताया कि दोनों पक्षों को निवेश के अवसरों का पता लगाने और समझौते से लाभ प्राप्त करने के लिए अधिक व्यावसायिक संपर्क स्थापित करना चाहिए।

उन्होंने पिछले 10 वर्षों से अधिक समय में भारत द्वारा किए गए सुधारों की श्रृंखला के बारे में जानकारी दी, जिससे भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बन गया है और देश में निवेश के लिए अनुकूल माहौल बना है।

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वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने आज इजराइल में हुए आतंकवादी हमले में निर्दोष लोगों की मृत्यु पर अपनी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने दोनों देशों के सभ्यतागत मूल्यों के साझा मूल्यों का भी जिक्र किया, जिन्होंने वैश्विक शांति में योगदान दिया है। दोनों मंत्रियों ने दोनों देशों के समक्ष आतंकवाद के खतरे को स्वीकार किया और एक-दूसरे के प्रति एकजुटता व्यक्त की।

इजराइली वित्त मंत्री ने सुरक्षा संबंधी चुनौतियों के बावजूद उच्च आर्थिक विकास हासिल करने में दोनों देशों की मजबूत साझा पृष्ठभूमि का जिक्र किया। इजराइल के वित्त मंत्री ने साइबर सुरक्षा, रक्षा, नवाचार और उच्च-प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच बेहतर सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया।

दोनों देशों के मंत्रियों ने वित्तीय प्रौद्योगिकी नवाचार, इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास, वित्तीय विनियमन और डिजिटल भुगतान कनेक्टिविटी के क्षेत्र में आर्थिक सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता पर जोर दिया। वे दोनों देशों के बीच आर्थिक और वित्तीय सहयोग बढ़ाने और पारस्परिक आधार पर निवेश को बढ़ावा देने और उसकी सुरक्षा करने पर सहमत हुए।

इजराइल के वित्त मंत्री ने केन्द्रीय वित्त मंत्री को इजराइल आने का निमंत्रण भी दिया।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।