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खिलाफत शासन स्थापित करने के लिए कनाडा में आयोजित हो रहा है हिज्ब उत-तहरीर का सम्मेलन

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ओटावा. भारत समेत कई देशों में आतंकी गुट के तौर पर नामित हिज्ब उत-तहरीर शनिवार को कनाडा में एक सम्मेलन आयोजित करने जा रहा है। ये सम्मेलन विवादों में आ गया है क्योंकि इसका उद्देश्य दुनियाभर में इस्लामिक खिलाफत शासन स्थापित करना है। यह सम्मेलन कनाडा के ओंटारियो में होगा। इससे पहले मिसिसॉगा में इस सम्मेलन को किए जाने का प्लान था लेकिन यहां की मेयर कैरोलिन पैरिश ने आयोजन की अनुमति देने से इनकार कर दिया। हिज्ब उत-तहरीर एक अंतरराष्ट्रीय इस्लामी कट्टरपंथी राजनीतिक संगठन है। ये गुट अपना उद्देश्य विश्व स्तर पर इस्लामी खिलाफत की स्थापना बताता है। हिज्ब जिन देशों में इस्लामी शासन चाहता है, उनमें भारत भी शामिल है।

इजरायली अखबार यरुशलेम पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, हिज्ब की कनाडा यूनिट ने खुद को अहिंसक बताया है और शांतिपूर्वक सम्मेलन की बात कही है। हालांकि सम्मेलन के विज्ञापनों में खिलाफत के नक्शे में स्पेन, ग्रीस, भारत, बाल्कन और अफ्रीका के बड़े हिस्से को शामिल किया गया है। यानी इन देशों में इस्लामी शासन की बात की जाएगी। सम्मेलन में दुश्मन के तौर पर अमेरिका, इजरायल और दोस्त के तौर पर फिलिस्तीन की स्थिति पर चर्चा होगी।

भारत में बैन है हिज्ब

हिज्ब उत तहरीर नाम का ये संगठन कई देशों में प्रतिबंधित है। भारत ने 2024 में ही इस गुट को बैन किया है। यूके और जर्मनी जैसे देशों में भी से प्रतिबंधित है। यह संगठन इजरायल राज्य को नष्ट करने और दक्षिणी यूरोपीय, एशिया, पश्चिम एशिया और अफ्रीकी देशों को इस्लामिक खिलाफत में बदलने की वकालत करता है। सम्मेलन को लेकर हो रहे विवाद पर हिज्ब उत तहरीर कनाडा ने एक बयान में कहा कि वह इस्लामिक खिलाफत स्थापित करने का उसका उद्देश्य शांतिपूर्ण तरीकों से है। उसके खिलाफ आतंकवाद और हिंसक गतिविधियों के आरोप मनगढ़ंत हैं।

हिज्ब तहरीर कनाडा अपनी वेबसाइट पर दावा करता है कि फिलिस्तीनियों के साथ जुल्म हो रहा है। इजरायल ने गाजा, वेस्ट बैंक और लेबनान में नरसंहार किया है। इससे पार पाने के लिए मुस्लिम दुनिया में कठपुतली शासनों को गिराना और उन्हें एक इस्लामी नेतृत्व के साथ बदलाव लाना जरूरी है। साल 1953 में यरुशलेम में बना हिज्ब उत तहरीर इजरायल को खासतौर से निशाने पर रखता है।

सम्मेलन पर रोक की मांग

टोरंटो-सेंट पॉल के सांसद डॉन स्टीवर्ट का कहना है कि इस सम्मेलन को कनाडा में आयोजित होने से रोका जाना चाहिए और इसे बैन किया जाना चाहिए। स्टीवर्ट ने चेतावनी दी कि कनाडा को वैश्विक खिलाफत का हिस्सा बना दिया जाएगा। CIJA ने भी अधिकारियों से सम्मेलन को रोकने और यहूदी विरोधी सगंठन को आतंकवादी गुट के रूप में नामित करने का आह्वान किया।

साभार : नवभारत टाइम्स

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