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तय सीमा से अधिक आवाज पर इमामों के खिलाफ एफआईआर, लाउडस्पीकर भी जब्त

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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लखनऊ. संभल में तेज आवाज में अजान देने पर पुलिस ने इमाम के खिलाफ केस दर्ज किया है। इतना ही नहीं लाउडस्पीकर भी जब्त कर लिया गया है। पिछले दिनों ही संभल में लाउडस्पीकर हटा दिए गए थे। संभल पुलिस ने इसे कोर्ट और सरकार के आदेशों का उल्लंघन माना है। आपको बता दें कि हाल ही में पुलिस ने संभल में धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकर हटवा दिए थे। इसके साथ ही धार्मिक स्थलों पर तेज आवाज में लाउडस्पीकर बजाने पर भी रोक लगा दी गई थी।

जानें पूरा मामला?

संभल पुलिस ने बताया कि शनिवार को चंदौसी नगर के पंजाबियान मोहल्ले की एक मस्जिद में मानक से अधिक ऊंची आवाज में लाउडस्पीकर पर अजान दिए जाने की शिकायत मिली थी। इस पर मस्जिद के इमाम हाफिज शकील शम्सी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और ध्वनि प्रदूषण (विनियमन एवं नियंत्रण) नियम की सुसंगत धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

लाउडस्पीकर उतरवाकर जब्त किया गया

साथ ही पुलिस ने लाउडस्पीकर उतरवाकर जब्त कर लिया। पुलिस ने बताया कि मस्जिद से लाउडस्पीकर उतरवाने के बाद वीडियोग्राफी भी कराई गई। बता दें कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसके बावजूद पंजाबियान मोहल्ले की मस्जिद में लाउडस्पीकर पर अजान दी जा रही थी। रमजान के दौरान भी मस्जिदों में लाउडस्पीकर पर अजान की अनुमति देने पर रोक है।

रामपुर में भी हुई कार्रवाई

वहीं, रामपुर में मस्जिद में लाउडस्पीकर से इफ्तार का ऐलान होने के बाद विवाद शुरू हो गया। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए 9 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इस पर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने पुलिस पर गंभीर आरोप भी लगाए हैं। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने कहा कि इफ्तार शाम का खाना है जिसे मुसलमान रमजान के महीने में सूर्यास्त के समय अपना रोजा खोलने के लिए खाते हैं।

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साभार : इंडिया न्यूज

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।