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अब सीआरपीएफ करेगी पूर्व अभिनेता और तमिलाडु वेत्री कझगम पार्टी के प्रमुख सी. जोसेफ विजय की सुरक्षा

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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चेन्नई. साउथ सुपरस्टार विजय अभिनय छोड़ पूरी तरह राजनीति में प्रवेश कर चुके हैं। तमिल सिनेमा के लोकप्रिय अभिनेता और तमिलाडु वेत्री कझगम पार्टी के प्रमुख सी. जोसेफ विजय की सुरक्षा का जिम्मा अब केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) ने संभाल लिया है। सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि सीआरपीएफ की वीआईपी सुरक्षा टीम इस काम में लग गई है।

विजय को वाई-श्रेणी की सुरक्षा प्रदान करने का फैसला

केंद्र सरकार ने विजय को इसी साल फरवरी में वाई-श्रेणी की सशस्त्र सुरक्षा देने का फैसला किया था। यह कदम केंद्रीय खुफिया एजेंसियों की उस रिपोर्ट के बाद उठाया गया, जिसमें विजय के लिए संभावित खतरे की बात सामने आई थी। हाल ही में सीआरपीएफ ने उनकी सुरक्षा की कमान पूरी तरह से अपने हाथ में ले ली है।

सात से आठ हथियारबंद सीआरपीएफ कमांडो सुरक्षा में तैनात

इस नई व्यवस्था के तहत विजय जब भी तमिलनाडु में कहीं जाएंगे, उनके साथ सात से आठ हथियारबंद सीआरपीएफ कमांडो मौजूद रहेंगे। इससे उनकी सुरक्षा को पुख्ता करने की कोशिश की जा रही है। विजय ने पिछले साल फरवरी में अपनी राजनीतिक पार्टी शुरू की थी। उनकी पार्टी 2026 के विधानसभा चुनाव में हिस्सा लेने की तैयारी कर रही है। अभिनेता से नेता बने विजय का यह नया सफर अब सुर्खियों में है और उनकी सुरक्षा को लेकर सरकार का यह कदम चर्चा का विषय बना हुआ है।

विजय की आखिरी फिल्म

राजनीति में प्रवेश करने से पहले विजय ने अपनी आखिरी फिल्म का एलान किया था, जिसका शीर्षक ‘जन नायकन’ है। यह विजय की 69वीं फिल्म है। इस फिल्म में रणनीतिक एंगल दिखाया जाएगा, जिसमें एक नायक के रूप में विजय जनता की सेवा करेंगे और यह आखिरी फिल्म राजनीति में प्रवेश कर चुके विजय के लिए खास साबित होगी।

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साभार : अमर उजाला

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।