रविवार, सितंबर 20 2026 | 02:03:33 AM

अमेजन से खरीदा गया था पुलवामा हमले के लिए विस्फोटक : एफएटीएफ

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

नई दिल्ली. वैश्विक आतंकी वित्तपोषण निगरानी संस्था एफएटीएफ ने दावा किया है कि फरवरी 2019 के पुलवामा आतंकी हमले में इस्तेमाल किए गए विस्फोटक अमेजन से खरीदा गया था। एफएटीएफ ने दावा किया कि 2022 में गोरखनाथ मंदिर पर हमला करने वाले आतंकी को पेमेंट PayPal से हुआ था। अप्रैल 2025 में पहलगाम में हुए आतंकी हमले की निंदा करते हुए एफएटीएफ ने कहा कि वित्तीय सहायता के बिना ऐसे हमले संभव नहीं थे। एफएटीएफ ने कहा था कि वह 200 अधिकार क्षेत्रों वाले अपने वैश्विक नेटवर्क द्वारा प्रदान किए गए मामलों को संकलित करते हुए “आतंकवादी वित्तपोषण का व्यापक विश्लेषण” करेगा।

Amazon से खरीदा गया विस्फोटक

भारत में आतंकवादी हमले के लिए सामग्री की खरीद के लिए ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के उपयोग का केस स्टडी देते हुए FATF ने कहा कि हमले में इस्तेमाल किए गए तात्कालिक विस्फोटक उपकरण का एक प्रमुख घटक – एल्यूमीनियम पाउडर – EPOM Amazon से खरीदा गया था। इस सामग्री का उपयोग विस्फोट के प्रभाव को बढ़ाने के लिए किया गया था। बता दें कि फरवरी 2019 में, जम्मू और कश्मीर के पुलवामा में भारतीय सुरक्षा बलों के काफिले को निशाना बनाकर एक आत्मघाती बम विस्फोट किया गया, जिसके परिणामस्वरूप 40 सैनिक मारे गए। आतंकी हमले की साजिश जैश-ए-मोहम्मद (JiM) द्वारा रची गई थी।

 ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म और ऑनलाइन मार्केटप्लेस का दुरुपयोग

FATF रिपोर्ट ने इस बात पर प्रकाश डाला कि आतंकवादी ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म और ऑनलाइन मार्केटप्लेस का दुरुपयोग कर रहे हैं और कहा कि आतंकवादियों ने अपने परिचालन खरीद (उपकरण, हथियार, रसायन, 3D-प्रिंटिंग सामग्री) के लिए ऐसे प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया है। FATF ने कहा कि EPOM का उपयोग व्यापार आधारित मनी लॉन्ड्रिंग योजनाओं से प्रेरित होकर फंड-मूविंग उद्देश्य के लिए किया जा सकता है।

आतंकी को पेपाल से भेजे गए 669,841 रुपये

ऑनलाइन भुगतान सेवा और वीपीएन के उपयोग पर एक केस स्टडी का हवाला देते हुए एफएटीएफ ने 3 अप्रैल, 2022 को गोरखनाथ मंदिर में हमला करने को पेपाल के माध्यम से 669,841 रुपये (7,685 अमेरिकी डॉलर) भेजे गए थे। इसके अलावा एक अन्य विदेशी स्रोत से 10,323.35 रुपये (188 अमेरिकी डॉलर) भी आतंकी को मिले थे। आईपी पते को अस्पष्ट करने के लिए वीपीएन सेवाओं का उपयोग किया गया था।

- Advertisement -

साभार : इंडिया टीवी

भारत : 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि) व/या भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

सारांश कनौजिया की पुस्तकें

ऑडियो बुक : भारत 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि)

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।