रविवार, सितंबर 20 2026 | 03:28:25 AM

पाकिस्तान ने शुक्रवार को भारत के 26 स्थानों पर किया ड्रोन हमला

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

नई दिल्ली. पाकिस्तान ने एक बार फिर शुक्रवार (9 मई 2025) को सिविल एयरलाइन की आड़ में भारत के कई इलाकों में ड्रोन हमला करने की नाकाम कोशिश की. पाकिस्तान ने जम्मू कश्मीर के बारामुल्ला से लेकर भुज तक 26 जगहों पर ड्रोन से हमला करने की नाकाम कोशिश की. इनमें नागरिक और सैन्य ठिकानों के लिए संभावित खतरा पैदा करने वाले संदिग्ध हथियारों से लैस ड्रोन शामिल थे. भारतीय एयर डिफेंस सिस्टम ने एकबार फिर पाकिस्तान के मंसूबों पर पानी फेर दिया.

इन जगहों पर ड्रोन हमले की नाकाम कोशिश

पाकिस्तान ने जिन जगहों पर ड्रोन हमने की नाकाम कोशिश की उसमें बारामुल्ला, श्रीनगर, अवंतीपोरा, नगरोटा, जम्मू, फिरोजपुर, पठानकोट, फाजिल्का, लालगढ़ जट्टा, जैसलमेर, बाड़मेर, भुज, कुआरबेट और लाखी नाला शामिल हैं. एक सशस्त्र ड्रोन ने फिरोजपुर में एक नागरिक क्षेत्र को निशाना बनाया, जिसमें एक स्थानीय परिवार के तीन सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए. उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया.

भारत ने सभी ड्रोन को नीचे गिराया

भारतीय सेना ने सभी हवाई खतरों को काउंटर-ड्रोन सिस्टम का उपयोग करके ट्रैक किया और उसे नीचे गिराया. सुरक्षाबल पूरे इलाके पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं और जवाबी कार्रवाई कर रहे हैं. नागरिकों, खास तौर पर सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वालों को सलाह दी गई कि वे घर के अंदर ही रहें और अनावश्यक आवाजाही सीमित रखें. हालांकि घबराने की कोई जरूरत नहीं है, लेकिन सतर्कता और एहतियात बरतना जरूरी है.

गुजरात सरकार ने शुक्रवार को भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य संघर्ष के मद्देनजर ड्रोन और पटाखों के इस्तेमाल पर 15 मई तक प्रतिबंध लगा दिया. गुजरात के गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “इस महीने की 15 तारीख तक किसी भी समारोह या कार्यक्रम में पटाखे या ड्रोन के इस्तेमाल की अनुमति नहीं दी जाएगी. कृपया सहयोग करें और दिशानिर्देशों का पालन करें.”

- Advertisement -

साभार : एबीपी न्यूज

भारत : 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि) व/या भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

सारांश कनौजिया की पुस्तकें

ऑडियो बुक : भारत 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि)

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।