रविवार, सितंबर 20 2026 | 10:24:30 AM

कर्नाटक में बुर्का पहने लड़की के हिन्दू धर्म के लड़के से बात करने पर बवाल

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

बेंगलुरु. हिंदू नौजवान से एक बुर्का पहनी लड़की के बात करने पर मुस्लिम नौजवानों के एक ग्रुप के जरिये लड़की के साथ दुर्व्यवहार करने की घटना सामने आई है. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद हिंदूवादी संगठन के लिगों ने कर्नाटक सरकार पर सवाल खड़े किए हैं. हालांकि पुलिस ने इस मामले में 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. इनमें एक नाबालिग लड़का भी शामिल है.

दरअसल, 11 अप्रैल जुमे के दिन बंगलुरु के चंद्रा लेआउट इलाके में एक हिंदू लड़के के साथ बुर्की पहनी मुस्लिम लड़की के बात करने पर कुछ मुस्लिम नौजवानों मोरल पुलिसिंग करने की कोशिश की है. दावा है कि आरोपी नौजवानों के ग्रुप ने लड़की के साथ बदतमीजी की और बोला कि बुर्का पहनकर हिंदू लड़के से प्यार से बात करने में शर्म नहीं आती है. फिर महिला से उसके घर वालों का नंबर मांगने लगे. इसपर महिला ने विरोध किया और नंबर देने से माना कर दिया.

पुलिस ने इन आरोपियों को लिया हिरासत में

महिला का कहना है कि जिस हिंदू लड़के से बात कर रही थी, वो उसका कलासमेट था. हालांकि मामला सामने आते ही पुलिस ने शुक्रवार 11 अप्रैल को 4 आरोपियों जिनका नाम माहिम, अफरीदी, वसीम और अजुंम है, को गिरफ्तार कर लिया है, और उनसे पूछताछ कर रही है.

क्या कर्नाटक में लागू है शरिया कानून: हिंदू संगठन

इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो आरोपियों ने सोशल मीडिया प्रसारित किया, जो वीडियो वायरल हो गया, जिसके बाद कुछ हिंदू संगठनों और कार्यकर्ताओं ने आपत्ति जताई और मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से सवाल किया कि क्या यह घटना नैतिक पुलिसिंग नहीं है.  उन्होंने राज्य सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्या कर्नाटक में शरिया कानून लागू है?

- Advertisement -

गौरतलब है कि भारत में लव जिहाद के नाम पर हिंदू लड़की और मुस्लिम लड़के की किसी भी तरीके के संबंध पर आपत्ति जताई जाती रही है, और उनके साथ मार-पीट की घटनाए सामने आती रहती है. इस बीच कुछ मुस्लिम नौजवानों भी हिंदू लड़के के साथ मुस्लिम लड़की के बात करने पर आपत्ति जाता रहे है, और उनके साथ दुर्व्यवहार कर रहे हैं.

साभार : जी न्यूज

भारत : 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि) व/या भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

सारांश कनौजिया की पुस्तकें

ऑडियो बुक : भारत 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि)

- Advertisement -

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।