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8 विधानसभा उपचुनाव के परिणामों में भाजपा और बीआरएस को झटका, कांग्रेस को लाभ

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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नई दिल्ली. देश के 7 राज्यों की 8 विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव के नतीजे शुक्रवार को घोषित हुए। कांग्रेस ने राजस्थान की अंता (बारां) सीट और तेलंगाना की जुबली हिल्स सीट जीतीं। SDM को थप्पड़ मारकर चर्चा में आए नरेश मीणा भी अंता सीट पर निर्दलीय प्रत्याशी थे, जो तीसरे नंबर पर रहे।

पहले अंता की सीट भाजपा और जुबली हिल्स सीट पूर्व सीएम केसीआर की पार्टी बीआरएस के पास थी। AAP पंजाब की तरनतारन सीट बचाने में कामयाब रही है। वहीं, झारखंड की घाटशिला सीट से पूर्व सीएम चंपई सोरेन के बेटे भाजपा प्रत्याशी हार गए।

ओडिशा की नुआपाड़ा सीट से बीजेपी प्रत्याशी जीते। वहीं जम्मू-कश्मीर की नगरोटा सीट भाजपा ने और बडगाम सीट महबूबा मुफ्ती की पार्टी PDP ने जीती। मिजोरम की डम्पा सीट पर मिजो नेशनल फ्रंट (MNF) ने जीत हासिल की।

राजस्थान की अंता सीट: कांग्रेस के प्रमोद जैन ने भाजपा के मोरपाल को हराया

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अंता (बारां) विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस के प्रमोद जैन भाया जीत गए। उन्होंने भाजपा के मोरपाल सुमन को 15594 वोटों से हराया। निर्दलीय नरेश मीणा तीसरे नंबर पर रहे। पिछले चुनाव में यहां से भाजपा के कंवरलाल मीणा ने 5861 वोट से जीत हासिल की थी।

झारखंड की घाटशिला सीट: JMM उम्मीदवार सोमेश चंद्र सोरेन 38,601 वोट से जीते

घाटशिला विधानसभा उपचुनाव में झामुमो (JMM) प्रत्याशी सोमेश चंद्र सोरेन की जीत हुई है। उन्हें 1,04936 मत मिले। सोमेश चंद्र सोरेन ने भाजपा प्रत्याशी बाबूलाल सोरेन को 38,601 वोट से हराया। ये सीट JMM के नेता और प्रदेश के शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन के निधन के बाद खाली हुई थी।

पंजाब की तरनतारन सीट: AAP ने 12 हजार वोटों से जीती, अकाली दल दूसरे नंबर पर

पंजाब की तरनतारन विधानसभा सीट पर आम आदमी पार्टी (AAP) के उम्मीदवार हरमीत संधू ने 12,091 वोटों से जीत हासिल की। उन्हें कुल 42,649 वोट मिले। हरमीत संधू चौथी बार यहां से विधायक चुने गए हैं। दूसरे नंबर पर अकाली दल की सुखविंदर कौर रंधावा रहीं, जिन्हें 30,558 वोट मिले।

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यह भी पढ़ें : 1857 का स्वातंत्र्य समर : कारण से परिणाम तक

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।