रविवार, सितंबर 20 2026 | 03:42:04 AM

बिहार में विवाद सुलझाने गए पुलिस अधिकारी की हत्या

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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पटना. बिहार के मुंगेर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां होली के मौके पर हंगामा और मारपीट कर रहे युवकों ने एक पुलिस अधिकारी पर भी हमला कर दिया और उनका सिर फोड़ दिया। अचानक हुई इस घटना से पुलिस अधिकारी भी बेहोश हो गए। उन्हें इलाज के लिए हॉस्पिटल ले जाया गया लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका और उनकी मौत हो गई। इस मामले में 5 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिसमें 4 लोग रणवीर के परिवार के हैं। ASI संतोष रोहतास के रहने वाले थे।

क्या है पूरा मामला?

शुक्रवार को रात में मुफस्सिल थाना क्षेत्र में डायल 112 को सूचना मिली कि थाना क्षेत्र के नंदलालपुर में शराब पीकर दो पक्षों के बीच मारपीट हो रही है। इसकी सूचना में डायल 112 वाहन पर तैनात एएसआई संतोष कुमार सिंह अपनी टीम के साथ तुरंत नंदलापुर पहुंचे। पुलिस टीम के द्वारा दोनों पक्षों के बीच मारपीट को खत्म करने की पहल की गई। लेकिन दोनों पक्ष काफी आक्रोशित थे और पुलिस के बीच बचाव का उन पर कोई असर नहीं हो रहा था। इसी भीड़ में से रणवीर नाम के शख्स के परिवार में से ही किसी ने आवेश में आकर ASI संतोष सिंह के सिर पर किसी धारदार हथियार से हमला कर दिया। इस हमले में ASI मौके पर ही बेहोश हो गए और उनके सिर से खून निकलने लगा। हालात को देखते हुए 112 टीम के अन्य सदस्य उन्हें उठाकर फौरन मुंगेर सदर अस्पताल ले गए। इस बात की सूचना थाना प्रभारी सहित जिले के वरीय पुलिस पदाधिकारियों को दी गई। प्राथमिक इलाज के बाद घायल एएसआई को बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया गया। पटना में उनकी मौत हो गई।

पुलिस का बयान आया सामने

इस मामले में दो दिन पहले ही पदस्थापित सदर अभिषेक आनंद ने बताया कि दो पक्षों के बीच झगड़े की सूचना पर 112 की टीम वहां पहुंची थी और भीड़ में किसी ने ASI संतोष सिंह के सिर पर हमला किया, जिसमें वे गंभीर रूप से घायल हो गए। हमला करने वालों की पहचान की जा रही है। पुलिस किसी भी कीमत पर हमलावरों को गिरफ्तार कर दम लेगी। बता दें कि 2 दिन पहले ही अररिया में एक अपराधी को पकड़ने के दौरान ASI राजीव रंजन की मौत हो गई थी और राजीव रंजन का पैतृक आवास मुंगेर ही था। अब एक बार फिर भीड़ ने एक ASI पर हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। इस मामले में मुंगेर के SP सैयद इमरान मसूद का बयान सामने आया है।

साभार : इंडिया टीवी

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।