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सम्राट चौधरी के नेतृत्व में लड़ेंगे बिहार विधानसभा चुनाव : नायब सिंह सैनी

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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पटना. बिहार विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं वैसे-वैसे सियासी पारा चढ़ना शुरू होने लग गया है. चुनाव के वक्फ एक्ट को लेकर उठे विवाद के बाद जेडीयू के कई बड़े मुस्लिम नेता पार्टी छोड़ चुके हैं. इस बीच भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के कद्दावर नेता और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने ऐसा बयान दिया है, जिसने नई बहस को जन्म दे दिया है. साथ ही साथ राजनीतिक तापमान को और चढ़ा दिया है. दरअसल, उन्होंने कहा है कि इस बार का चुनाव सम्राट चौधरी के नेतृत्व में लड़ा जाएगा, जिसके बाद आरजेडी के नेता तेजस्वी यादव ने चुटकी ली है.

जहां उनके बयान को लेकर बीजेपी और जदयू सफाई दे रही है, तो आरजेडी कह रही है नीतीश कुमार को निपटाने का बीजेपी का प्लान सार्वजनिक हो गया. तेजस्वी यादव ने बीजेपी को निशाने पर लेते हुए कहा, ‘बीजेपी में कौन सीएम नहीं बनेगा? बीजेपी में क्यों झगड़ा लगवा रहे हैं? दो दिन बाद दूसरा नाम आ जाएगा, ये लोग आपस में नूरा-कुश्ती करते रहे हैं. इस बार बिहार की जनता एनडीए की खटारा गाड़ी से उतरकर महागठबंधन की नई गाड़ी पर सवार होने जा रही है. महागठबंधन और आरजेडी की सरकार बनने जा रही है.’

दरअसल, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जिस समय ये बयान दिया है उस समय सम्राट चौधरी और बीजेपी के राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा समेत पार्टी के बड़े नेता मौजूद थे. इस साल बिहार में सितंबर या अक्टूबर में विधानसभा चुनाव कराए जा सकते हैं, ऐसे में सीएम सैनी के बयान को अहम माना जा रहा है. सियासी गलियारों में चर्चा है कि सीएम सैनी ने धीरे से इस बात को आगे बढ़ाया है ताकि माहौल को भांपा जा सके.

नीतीश कुमार के नेतृत्व में चुनाव लड़ने का होता रहा दावा

पिछले कई महीनों से एनडीए की तरफ से यही कहा जाता रहा है कि गठबंधन बिहार का चुनाव नीतीश कुमार के नेतृत्व में लड़ेगा, किसी और के नाम की कोई गुंजाइश नहीं है. साथ ही साथ सीएम फेस को लेकर कहा जाता रहा है कि इस पर विधानसभा चुनाव के बाद फैसला लिया जाएगा. सीएम सैनी के बयान से नीतीश खेमे में बेचैनी बढ़ने की संभावना जताई जा रही है. हालांकि अभी तक किसी भी पार्टी ने सीएम पद को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है. वहीं, चुनावी जंग के पहले सभी गठबंधनों में जंग छिड़ी है. कहीं सीट के लिए, कहीं सीएम फेस के लिए. NDA नीतीश कुमार को लेकर हो रही बयानबाजी से परेशान है, तो जीतन राम मांझी भी सीट को लेकर अपनी नाराजगी जता रहे हैं. उधर, राजद कांग्रेस में सीएम फेस को लेकर मतभेद हैं. साथ ही वाम दल सीट को लेकर आंख दिखा रहे हैं.

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साभार : टीवी9 भारतवर्ष

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।