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भारत के दबाव के बाद पाकिस्तान से सकुशल वापस लौटा बीएसएफ जवान

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
4 Min Read

नई दिल्ली. पाकिस्तान से बीएसएफ जवान पूर्णम कुमार शॉ वापस लौट आए हैं. भारत ने भी जवान के बदले रेंजर्स को लौटाया है. जवान पीके शॉ को पाकिस्तान ने भारत को सौंप दिया है. वो अटारी बॉर्डर से लौटे हैं. दरअसल, बीएसएफ जवान गलती से बॉर्डर पार कर गए थे. इसी के बाद भारत ने भी एक रेंजर जवान को पकड़ लिया था. हालांकि, अब दोनों देशों ने जवान और रेंजर को एक्सेंज किया है. जवान और रेंजर को एक्सेंज करने की बातचीत सुबह 10:30 बजे अटारी में हुई. बीएसएफ ने जवान के वापस भारत लौटने की जानकारी दी. बीएसएफ ने प्रेस रिलीज जारी कर कहा, आज बीएसएफ जवान पीके शॉ वापस लौट आए हैं. वो 23 अप्रैल 2025 से पाकिस्तान रेंजर्स की हिरासत में थे. जवान को संयुक्त चेक पोस्ट अटारी, के जरिए लगभग 10:30 बजे भारत को सौंप दिया गया. बीएसएफ ने साथ ही बताया, हैंडओवर शांतिपूर्वक और स्थापित प्रोटोकॉल के अनुसार आयोजित किया गया था.

भारत ने भी रेंजर को लौटाया

भारत और पाकिस्तान के बीच पिछले दिनों तनाव बढ़ गया था. दोनों देशों के बीच मिसाइल और ड्रोन से एक-दूसरे पर हमले भी किए गए. भारत ने पाकिस्तान को आंतकवाद के खिलाफ मुंह तोड़ जवाब दिया. इसी के बाद दोनों देशों के बीच सीजफायर हुआ. हालांकि, सीजफायर के बाद अब 14 मई को बीएसएफ और पाक रेंजर्स ने अपने इलाकों से पकड़े गए जवानों को शांतिपूर्वक तरीके से वापिस कर दिया है. फिरोजपुर में पाकिस्तान सीमा से पाक रेंजर्स ने भारतीय जवान को गिरफ्तार किया था. वहीं, दूसरी तरफ बीएसएफ ने राजस्थान में भारतीय सीमा के नजदीक पाक रेंजर को पकड़ा था. जवान के बदले भारत ने भी पाक रेंजर को पाकिस्तान को सौंप दिया है. राजस्थान के श्रीगंगानगर में भारत-पाकिस्तान इंटरनेशनल बॉर्डर पर बीएसएफ ने एक पाकिस्तानी रेंजर को गिरफ्तार किया था. पाक रेंजर बॉर्डर क्रॉस कर भारतीय सीमा में घुसने की कोशिश कर रहा था. इसी दौरान सीमा पर मुस्तैद जवानों की नजर उस पर पड़ी, जिसके बाद रेंजर को पकड़ लिया गया था. हालांकि, अब भारत ने पाकिस्तान के रेंजर को एक्सेंज में उसको सौंप दिया है.

जवान ने गलती से की थी सीमा पार

बीएसएफ जवान पूर्णम कुमार शॉ 23 अप्रैल से पाकिस्तान की हिरासत में थे. शॉ ने हाल ही में पंजाब के फिरोजपुर जिले में भारत-पंजाब सीमा पर ड्यूटी ज्वाइन की थी, वो 23 अप्रैल को जीरो लाइन के पास खेतों में काम कर रहे सीमावर्ती ग्रामीणों (किसानों) की सहायता करते समय गलती से सीमा पार कर गए थे और इसी समय उन्हें पाकिस्तान सीमा सुरक्षा बल ने पकड़ लिया था. जवान पीके शॉ पश्चिम बंगाल के हुगली के निवासी हैं, जो 10 अप्रैल से भारत-पंजाब सीमा पर एक तदर्थ टीम के साथ तैनात थे, जिस समय उन्होंने सीमा गलती से पार की वो अपनी वर्दी पहने हुए थे और ड्यूटी पर थे. हालांकि, जिस समय शॉ को पकड़ा गया था इसी के बाद मामले से परिचित सुरक्षा अधिकारियों ने कहा था कि इस तरह की घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं और आमतौर पर फ्लैग मीटिंग और आपसी समझ के जरिए इनका समाधान किया जाता रहा है और ऐसा ही एक बार फिर देखने को मिला है.

साभार : टीवी9 भारतवर्ष

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।