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निर्वाचन आयोग ने दिव्यांगजनों के लिए मतदान को आसान बनाने हेतु निर्देश जारी किए

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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  1. निर्वाचन आयोग ने 6 अक्टूबर, 2025 को बिहार विधान सभा के आम चुनाव और 8 विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनावों के कार्यक्रम की घोषणा की। आयोग ने मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (सीईओ) को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि चुनाव दिव्यांगजनों (पीडब्ल्यूडी) के लिए सुलभ हों।
  2. बिहार में, सभी मतदान केंद्र भूतल/सड़क प्रवेश स्तर पर स्थित होंगे और दिव्यांग मतदाताओं और व्हीलचेयर वाले वरिष्ठ नागरिकों की सुविधा के लिए उचित ढलान वाले रैंप होंगे। यह निर्देश  भी दिया गया है कि दिव्यांग मतदाताओं और वरिष्ठ नागरिकों को मतदान केंद्रों में प्रवेश के लिए प्राथमिकता दी जाए।
  3. आयोग ने दृष्टिबाधित व्यक्तियों की सुविधा के लिए नियमित मतदाता सूचना पर्चियों (वीआईएस) के साथ-साथ ब्रेल लिपि सुविधाओं के साथ सुगम्य मतदाता सूचना पर्चियां जारी करने का निर्देश दिया है।
  4. निर्वाचन संचालन नियम, 1961 के नियम 49एन के अनुसार, दृष्टिबाधित व्यक्ति मतदान केन्द्र पर अपनी ओर से वोट डालने के लिए अपने साथ एक सहयोगी को ले जा सकते हैं।
  5. सभी मतदान केंद्रों पर ब्रेल लिपि में डमी बैलेट शीट भी उपलब्ध कराई जाएंगी। कोई भी दृष्टिबाधित मतदाता बिना किसी सहयोगी की मदद के ईवीएम की बैलेट यूनिट पर ब्रेल लिपि सुविधा का उपयोग करके स्वयं इस शीट का उपयोग करके अपना वोट डाल सकता है।
  6. आयोग ने निर्देश दिया है कि मतदान के दिन मतदान केंद्र पर दिव्यांगजनों के लिए उचित परिवहन सुविधा उपलब्ध होनी चाहिए। दिव्यांग मतदाता ईसीआईएनईटी के दिव्यांग (सक्षम) मॉड्यूल पर पंजीकरण कराकर परिवहन और व्हीलचेयर सुविधा का अनुरोध भी कर सकते हैं।
  7. ये सुविधाएं बिहार के 90 हजार 712 मतदान केंद्रों में से प्रत्येक पर उपलब्ध होंगी। एक अन्य पहल के अंतर्गत 292 मतदान केंद्रों का प्रबंधन विशेष रूप से दिव्यांगजनों द्वारा किया जाएगा।

 

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।