रविवार, सितंबर 20 2026 | 02:51:09 PM

तमिलनाडु में बारिश और भूस्खलन के कारण कई ट्रेनें रद्द

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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चेन्नई. तमिलनाडु में नीलगिरि माउंटेन रेलवे (NMR) रूट पर भूस्खलन होने के बाद कई ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं। दक्षिणी रेलवे के मुताबिक रूट पर कई स्थानों पर पहाड़ का मलबा पटरी पर आ गया। कल्लार और कुन्नूर के बीच चट्टानें, कीचड़ और गिरे हुए पेड़ों के चलते ट्रैक बाधित हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 20 से 22 अक्टूबर तक तमिलनाडु के पूरे तटीय क्षेत्र में बारिश जारी रहने का अनुमान जताया है। लोगों को सतर्क रहने को कहा गया है। मौसम विभाग ने बंगाल की खाड़ी में भी 21 अक्टूबर को कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना जताई है। इससे अगले 7 दिनों में तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, पुडुचेरी, केरल, लक्षद्वीप के तटीय और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है।

मौसम विभाग ने इन जगहों पर जताई भारी बारिश की संभावना

मौसम विभाग ने कहा कि नीलगिरी, कोयंबटूर, तिरुप्पुर, इरोड, डिंडीगुल, थेनी, मदुरै, विरुधुनगर, रामनाथपुरम, शिवगंगा, पुदुक्कोट्टई, तंजावुर, तिरुवरुर, नागपट्टिनम, मयिलादुथुराई, कुड्डालोर, विल्लुपुरम और चेंगलपट्टू जिलों और पुडुचेरी तथा कराईकल क्षेत्र में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है। आईएमडी ने चेन्नई के लिए आंशिक रूप से बादल छाए रहने और मध्यम बारिश या बिजली कड़कने की संभावना जताते हुए येलो अलर्ट जारी किया है। भारी बारिश के कारण जिला प्रशासन ने स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी है।

मछुआरों को समुद्र में ना जाने की सलाह

कुड्डालोर के मत्स्य पालन और मछुआरा कल्याण विभाग के सहायक निदेशक ने कहा कि खराब मौसम के चलते सभी प्रकार की मशीनीकृत देशी नौकाओं, कटमरैन और मोटर चालित मछली पकड़ने वाली नावों को अगली सूचना तक समुद्र में न जाने की सलाह दी जाती है।

साभार : दैनिक भास्कर

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।