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तकनीकी खराबी के कारण बांग्‍लादेशी फ्लाइट की अचानक भारत में हुई लैंडिंग

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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नई दिल्ली. बांग्‍लादेश में विद्रोह के बाद पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने दिल्‍ली में पनाह ले रखी है. वहीं, बांग्‍लादेश में नई सरकार के गठन के बाद लगातार शेख हसीना को वापस सौंपने की मांग की जा रही है. लंबे समय से जारी इस कवायद के बीच नागपुर एयरपोर्ट पर कुछ ऐसा हुआ, जिसने सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया. दरअसल, इस हड़कंप की वजह थी बांग्‍लादेश से आया एक एयरक्राफ्ट और उसकी नागपुर एयरपोर्ट पर फोर्स इमरजेंसी लैंडिंग. यह मामला बुधवार देर रात्रि का है. बिमान बांग्‍लादेश एयरलाइंस के इस एयरक्राफ्ट ने बतौर पैसेंजर फ्लाइट ढाका एयरपोर्ट से उड़ान भरी थी. इस फ्लाइट को करीब साढ़े पांच घंटे का सफर तय कर दुबई में लैंड होना था.

बुधवार देर रात बांग्‍लादेशी फ्लाइट के कैप्‍टन ने नागपुर एयर ट्रैफिक कंट्रोल रूम (एटीसी) से संपर्क किया और प्‍लेन में तकनीकी खराबी की बात कह इमरजेंसी लैंडिंग की मदद मांगी. चूंकि यह प्‍लेन बांग्‍लादेश से आ रहा था, लिहाजा एटीसी ने तत्‍काल इसकी जानकारी एयरपोर्ट ऑपरेशन और सिक्‍योरिटी से जुड़ी तमाम एजेंसियों को दी गई. एयरपोर्ट पर तमाम एहतियाती तैयारी पूरी करने के बाद इस बांग्‍लादेशी प्‍लेन को नागपुर एयरपोर्ट पर लैंड करने की इजाजत दे दी गई. प्‍लेन के लैंड होते ही उसे आइसोलेटेड एरिया में ले जाया गया. जहां कड़ी सुरक्षा के बीच फ्लाइट में मौजूद पैसेंजर्स और क्रू को डिबोर्ड कराया गया. उनकी सुरक्षा जांच सुनिश्चित करने के बाद पैसेंजर्स को टर्मिनल में भेजा गया.

एयरपोर्ट सूत्रों के अनुसार, इस दुबई बाउंड इस बांग्‍लादेशी फ्लाइट में कुल 396 पैसेंजर और 12 क्रू मेंबर है. जल्‍द ही एयरलाइंस का दूसरा प्‍लेन नागपुर एयरपोर्ट पर लैंड होगा, जिसके बाद, इन पैसेंजर को आगे की यात्रा के लिए रवाना कर दिया जाएगा.

साभार : न्यूज18

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।