शुक्रवार, सितंबर 18 2026 | 08:08:34 PM

महाकुंभ के कारण 24 फरवरी को प्रयागराज में नहीं होगी बोर्ड परीक्षा

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
2 Min Read

लखनऊ. महाकुंभ में आखिरी वीकेंड पर प्रयागराज में एंट्री पॉइंट से लेकर शहर के अंदर तक भीषण जाम लग गया है। लोगों को 500 मीटर की दूरी तय करने में करीब दो घंटे का समय लग रहा है। प्रयागराज पहुंचने वाली गाड़ियों को संगम से 10km पहले रोका जा रहा है। उसके बाद की दूरी लोगों को पैदल ही तय करनी पड़ रही है। दूसरी ओर VIPs की गाड़ियां अरैल घाट तक जा रही हैं।

उत्तर प्रदेश के CM योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को अफसरों से कहा था कि ऐसी व्यवस्था बनाएं कि श्रद्धालुओं को कम से कम पैदल चलना पड़े, लेकिन शुक्रवार को इसका असर दिखाई नहीं दिया। इस बीच शहर में जाम की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने फैसला लिया है कि 24 फरवरी को 10वीं-12वीं के बोर्ड एग्जाम नहीं कराए जाएंगे। अभी नई तारीख का ऐलान नहीं किया गया है। महाकुंभ का आज 40वां दिन है। मेला खत्म होने के 5 दिन और बचे हैं। शाम 6 बजे तक 1.16 करोड़ श्रद्धालुओं ने संगम स्नान किया। अब तक करीब 58.87 करोड़ श्रद्धालु स्नान कर चुके हैं।

भीड़ के चलते 8वीं तक स्कूल बंद, पढ़ाई ऑनलाइन

भीड़ के चलते प्रयागराज में स्कूलों में 8वीं तक की कक्षाएं ऑनलाइन लगेंगी। प्रयागराज आने-जाने वाली 8 ट्रेनें 28 फरवरी तक रद्द कर दी गई हैं। 4 ट्रेनों के रूट बदले गए हैं। प्रयागराज में रजिस्टर्ड (UP- 70) गाड़ियों को ही शहर में एंट्री दी जा रही है।

साभार : दैनिक भास्कर

- Advertisement -

भारत : 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि) व/या भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

सारांश कनौजिया की पुस्तकें

ऑडियो बुक : भारत 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि)

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।