शुक्रवार, सितंबर 18 2026 | 08:08:35 PM

मुसलमानों ने मेरठ में स्वयं गिराई गिराई 168 साल पुरानी मस्जिद

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
2 Min Read

लखनऊ. मेरठ में दिल्ली रोड पर रैपिड रेल का काम तेज गति से चल रहा है. मस्जिद के चलते निर्माण कार्य में रुकावट आ रही है. इसलिए मौलवी और अन्य लोगों के साथ सहमति के बाद मस्जिद को गिरा दिया गया है.  जगदीश मंडप के पास मस्जिद हटाने के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी ने सहमति बनाई. इससे पहले मस्जिद का गेट हटा दिया गया है और बिजली का कनेक्शन भी काटा गया. सहमति होने के बाद मस्जिद को हटाया गया है. इस मामले में मस्जिद से जुड़े मौलवी और अन्य लोगों के साथ बातचीत की गई.

क्यों तोड़ी जा रही मस्जिद?

दरअसल, दिल्ली रोड पर रैपिड का कार्य तेज गति से चल रहा है. मस्जिद बीच में आने से काम में रुकावट आ रही है. आगे का काम जारी रखने के लिए मस्जिद निर्माण को हटाना जरूरी है. इसको सहमति से हटाने के लिए प्रशासनिक अधिकारी और रैपिड के अधिकारी लगे हुए हैं.

बिजली कनेक्शन कटा

मुख्य गेट हटा, बिजली कनेक्शन कटा फिलहाल स्थल का मुख्य गेट हटवा गया है. मस्जिद का बिजली का कनेक्शन भी काट दिया गया है. सहमति होने के बाद इस धार्मिक स्थल को हटाने की बात चल रही है. एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि रैपिड के कार्य के चलते मस्जिद हटाने के लिए सहमति बनाई जा रही है. वहीं जुमे को लेकर भी पुलिस अलर्ट है.

साभार : जी न्यूज

- Advertisement -

भारत : 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि) व/या भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

सारांश कनौजिया की पुस्तकें

ऑडियो बुक : भारत 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि)

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।